रोवर को मंगल की सतह पर उतारकर अमेरिका ने रचा इतिहास, बाइडेन ने की नासा की तारीफ
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगल अभियान के तहत ग्रह की सतह पर रोवर को सफलता पूर्वक उतारने के कार्य को अंजाम देने वाली नासा की टीम को गुरुवार को बधाई दी और कहा कि इसने देश के ”आत्मविश्वास को ऐसे वक्त में बढ़ाने काम किया” है जब कोरोना वायरस महामारी के कारण …
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगल अभियान के तहत ग्रह की सतह पर रोवर को सफलता पूर्वक उतारने के कार्य को अंजाम देने वाली नासा की टीम को गुरुवार को बधाई दी और कहा कि इसने देश के ”आत्मविश्वास को ऐसे वक्त में बढ़ाने काम किया” है जब कोरोना वायरस महामारी के कारण विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी देश की छवि को नुकसान पहुंचा।
नासा ने पिछले महीने छह पहियों वाले रोवर को सफलतापूर्वक मंगल की सतह पर उतारकर इतिहास रचा था। बाइडेन ने अंतरिक्ष एजेंसी के जेट प्रणोदन प्रयोगशाला की टीम के नेतृत्व से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए बातचीत की और ‘पर्सेवियरेंस रोवर’ के 18 फरवरी को मंगल की सतह पर उतरने की घटना पर खुशी जाहिर की।
‘पर्सीवरेंस’ नासा द्वारा भेजा गया सबसे बड़ा आधुनिक रोवर है और 1970 के दशक के बाद से मंगल की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने वाला यह नौवां अंतरिक्ष यान है। ग्रह पर जीवन की संभावना तलाशने के अभियान के लिए इस यान ने करीब सात महीने में 30 करोड़ मील की दूरी तय की।
बाइडेन ने नासा की टीम को कहा, ”यह मंगल की सतह पर ‘पर्सीवरेंस के उतरने से भी कहीं अधिक बड़ा क्षण है। यह अमेरिकियों की इच्छा शक्ति के बारे में है और आपने इसे लौटाने का काम किया है।” पिछले महीने पर्सेवियरेंस के मंगल की सतह पर उतरने की घटना को बाइडन ने टेलीविजन पर देखा था और नासा के कार्यवाहक प्रशासक स्टीव जुर्स्की को ‘पर्सीवरेंस से जुड़ी टीम को उनकी ओर से धन्यवाद देने को कहा था।
बाइडेन ने कहा कि वह टीम से व्यक्तिगत तौर पर सीधी बात करना चाहते थे जो इस श्रेय की हकदार थी। बाइडन ने कहा, ”हम मंगल पर रोवर भेज सकते हैं, हम महामारी को हरा सकते हैं। ऐसा कोई काम नहीं है जिसे विज्ञान, उम्मीद और दृष्टिकोण की मदद से एक देश के तौर पर हम कर नहीं सकते हैं।”
