बरेली: रूट डायवर्जन चुनौती, अटका सीवर लाइन का काम
अमृत विचार, बरेली। अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही सीवर लाइन का काम जसौली फाटक से स्टेट बैंक कॉलोनी तक होना है। यहां पर अलखनाथ मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण स्थान हैं। इसलिए अधिकारियों को यहां रूट डायवर्जन करने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल निगम …
अमृत विचार, बरेली। अमृत योजना के तहत बिछाई जा रही सीवर लाइन का काम जसौली फाटक से स्टेट बैंक कॉलोनी तक होना है। यहां पर अलखनाथ मंदिर सहित कई महत्वपूर्ण स्थान हैं। इसलिए अधिकारियों को यहां रूट डायवर्जन करने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यहां व्यवस्था बनाए रखने के लिए जल निगम व नगर निगम से संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट 12 मार्च तक मांगी है।
जनसमस्याओं को देखते हुए दो दिन पहले मेयर ने अधूरे पड़े सीवर लाइन और सड़कों के कामों के लिए समयसीमा तय कर दी थी। इसके बाद से ही निर्माणदायी संस्थाएं काम पूरा करने के लिए तेजी दिखा रही हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में अमृत योजना के तहत सीवर लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है।
जसौली फाटक से स्टेट बैंक कॉलोनी तक करीब 2.2 किलोमीटर रोड की लंबाई है। जल निगम को यहां भी भूमिगत सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क की खुदाई करनी है। अधिकारियों का कहना है कि इस रोड पर प्रसिद्ध अलखनाथ मंदिर, बीबीएल पब्लिक स्कूल, दसवां घर आदि पड़ते हैं। यह इलाका अत्यंत व्यस्त है। यहां यातायात का डायवर्जन भी होना है। इसकी कार्ययोजना बनाने के लिए 12 मार्च तक सर्वे कर प्लानिंग जल निगम और नगर निगम के अधिकारियों से मांगी गई है।
अधिकारियों को यह निर्देश दिए हैं कि जसौली से स्टेट बैंक कॉलोनी तक सीवर खुदाई का काम जो शेष रह गया है, वहां रिहायशी इलाकों की तरफ बैरीकेडिंग ऊंची कराकर लगाई जाए, ताकि वहां से उड़ने वाली धूल से लोगों को छुटकारा मिल सके। मेयर उमेश गौतम ने कार्यदायी संस्थाओं से कहा है कि वे कभी भी निर्माण कार्यों की जांच कर सकते हैं। अगर निर्धारित समय में काम पूरे नहीं मिले तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
