बरेली: मजबूत इरादों से महिला अस्पताल को रोशन कर रहीं मंपी
शिवांग पाण्डेय, बरेली। समाज में मुख्य धारा से हटकर जब कोई अनोखा व चुनौतीपूर्ण कार्य करता है तो निश्चित ही लोग उसके व्यक्तित्व के कायल हो जाते हैं। ऐसा ही एक कार्य बरेली के महिला जिला अस्पताल में तैनात इलेक्ट्रीशियन मंपी गंगवार कर रही हैं। मंपी आज उन तमाम युवतियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा …
शिवांग पाण्डेय, बरेली। समाज में मुख्य धारा से हटकर जब कोई अनोखा व चुनौतीपूर्ण कार्य करता है तो निश्चित ही लोग उसके व्यक्तित्व के कायल हो जाते हैं। ऐसा ही एक कार्य बरेली के महिला जिला अस्पताल में तैनात इलेक्ट्रीशियन मंपी गंगवार कर रही हैं। मंपी आज उन तमाम युवतियों और महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं जो अपने जीवन को खास मुकाम पर ले जाना चाहती हैं। इन्हीं मजबूत इरादों की वजह से ही आज मंपी यूपी के सरकारी अस्पतालों में इलेक्ट्रीशियन के रूप काम करने वाली पहली महिला का दर्जा हासिल कर चुकी हैं।
मूल रूप से मीरगंज तहसील के गांव सिहौर निवासी मंपी बताती हैं कि छह साल की उम्र में बीमारी के चलते उनके पिता छत्रपाल गंगवार का देहांत हो गया था। पिता की मौत के बाद मंपी और उनके भाई राहुल का पालन-पोषण उनकी मां लतिका लता ने किया। मां के साथ कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए मंपी ने गांव सहोड़ा स्थित कुंवर ढाकन लाल इंटर कालेज से 2005 में हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी और 2007 में इंटरमीडिएट की परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की।
बचपन से ही कुछ अलग करने वाली मंपी ने इंटरमीडिएट के बाद सीबीगंज स्थित कालेज से आईटीआई में प्रवेश लिया। उसने बताया कि लोगों ने उसे ब्यूटी पार्लर जैसे कोर्स करने की सलाह दी लेकिन मंपी ने मुख्य धारा से हटने के लिए आईटीआई को चुना। मंपी बताती हैं कि आईटीआई कालेज में प्रवेश के पहले दिन पता चला कि उनकी कक्षा में सिर्फ दो लड़कियों ने ही कोर्स में प्रवेश लिया था।
इसके बाद उन्होंने वर्ष 2014-15 में आईटीआई की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की। बाद में आईटीआई संस्थान में शिक्षक बनने का सपना लेकर मंपी ने घर से दूर 2015-16 कोलकत्ता में सीआईटी कालेज से टीचिंग का कोर्स किया। कोर्स के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मंपी अपने बैच टॉपर की टॉपर बनी। वर्ष 2016-17 में यूपीसीसीसी की परीक्षा पास करने के बाद महिला अस्पताल में इलेक्ट्रीशियन के पद पर तैनाती मिली।
मंपी ने बताया कि इलेक्ट्रीशियन के क्षेत्र में काम करने का एक ही मकसद है जो महिलाएं किसी भी क्षेत्र में झिझक व सामाजिकता के चलते काम नहीं करती हैं उन्हें यह बताना चाहती हूं कि अगर आप सक्षम हैं तो कुछ भी कर सकती हैं। इधर, महिला अस्पताल की सीएमएस डा. अलका शर्मा बताती हैं कि मंपी ने इस क्षेत्र में काम कर भविष्य में युवतियों एवं महिलाओं के लिए एक राह खोली है। जो महिलाएं इस प्रोफेशन में आने से कतराती हैं उनके लिए मंपी एक प्रेरणा हैं।
