बरेली: विरोध करने वाले छात्र परीक्षा से हो सकते हैं वंचित
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सिलेबस कम करने व अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने वाले छात्र अब परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात छात्रों की पहचान कर उन्हें नोटिस दिया है और वीडियो फुटेज से अन्य छात्रों की पहचान भी की …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाओं में सिलेबस कम करने व अन्य मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करने वाले छात्र अब परीक्षा देने से भी वंचित हो सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात छात्रों की पहचान कर उन्हें नोटिस दिया है और वीडियो फुटेज से अन्य छात्रों की पहचान भी की जा रही है। छात्रों को 9 मार्च को दोपहर 4 बजे तक स्पष्टीकरण देना होगा। स्पष्टीकरण न देने पर प्रशासन अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा और परीक्षा में भी छात्रों को बैठने नहीं देगा। वहीं, छात्र प्रॉक्टर व सुरक्षाकर्मियों पर हाथापाई करने का आरोप लगा रहे हैं।
बीटेक, फार्मेसी समेत कई विभागों के छात्र अचानक सोमवार दोपहर प्रशासनिक भवन में कुलपति कार्यालय के बाहर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। छात्र मांग करने लगे कि कुलपति अपने कक्ष से बाहर आकर उनकी समस्याएं सुनें। छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर चीफ प्रॉक्टर डा. जेएन मौर्या, डिप्टी चीफ प्रॉक्टर एके सिंह, प्रो. एसके पांडेय, प्रो. विनय ऋ षिवाल, डा. यतेंद्र, सुरक्षा प्रभारी सुधांशु पहुंच गए।
चीफ प्रॉक्टर व अन्य प्रॉक्टर ने छात्रों की अगुवाई कर रहे उज्ज्वल ढाका व अन्य छात्रों से समस्या पूछी तो उन्होंने समस्या बताने से इनकार कर दिया और कहा कि कुलपति के बाहर आने पर ही समस्या बताएंगे। इस पर प्रॉक्टर ने कुलपति से अंदर बात की तो कुलपति ने कुछ छात्रों को अंदर बुलाकर समस्या सुनने की हामी भर दी। छात्र राजी भी हो गए लेकिन प्रॉक्टर्स ने शर्त रखी कि अन्य छात्र प्रशासनिक भवन से बाहर चले जाएं और नारेबाजी बंद कर दें। इस पर छात्र भड़क गए और धरने पर बैठ गए।
इस दौरान पुलिस पहुंची तो छात्रों ने पुलिस के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी। छात्रों ने फेसबुक लाइव शुरू कर दिया और अन्य छात्रों को फोन व मैसेज करके बुलाने लगे। छात्र कहने लगे कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक यहीं गद्दे डालकर रहेंगे। इसके बावजूद शिक्षकों ने छात्रों को मनाने का प्रयास किया। काफी देर हंगामा चलने पर प्रॉक्टर्स ने प्रदर्शन करने वाले छात्रों से उनका विभाग और आईकार्ड मांगना शुरू कर दिया।
इस पर छात्र उज्ज्वल ढाका ने चीफ प्रॉक्टर से कहा कि वह अपना आईकार्ड दिखाएं। इससे शिक्षक नाराज हो गए और फिर सुरक्षाकर्मियों ने छात्रों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। बाहर निकालने के दौरान छात्रों और शिक्षकों व सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हो गई लेकिन पुलिस की मदद से सख्ती करके सबसे पहले छात्रों को प्रशासनिक भवन के बाहर किया और फिर उन्हें कैंटीन तक खदेड़ दिया। इस दौरान एक छात्र को पकड़ लिया गया और जब उसका आईकार्ड चेक किया तो वह पुराना निकला।
कार्ड वापस करने को लेकर काफी देर तक नोकझोंक होती रही। उसके बाद कुछ छात्र कैंटीन के सामने सड़क पर बैठ गए। चीफ प्रॉक्टर ने अनुशासनहीनता करने पर बीटेक के छात्र उज्ज्वल ढाका ईआई फोर्थ ईयर, हिमांशु कुमार ईआई फोर्थ ईयर, शुभम सिंह ईई फोर्थ ईयर, रवि गिरी सीएस फोर्थ ईयर, राहुल गिरी सीएस थर्ड ईयर और प्रतीक चौधरी ईआई फोर्थ ईयर को नोटिस दिया है।
ये थीं छात्रों की मांगें
छात्रों की मांग थी कि कोरोना को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन सेमेस्टर प्रणाली में बदलाव करे या कोर्स आधा कर परीक्षा ली जाए। उनका आरोप था कि कुछ ही दिन कक्षाएं संचालित हुई हैं। शिक्षकों ने पाठ्यक्रम पूरा नहीं किया है जबकि शिक्षकों का कहना है कि पाठ्यक्रम पूरा करा दिया है और शासन के निर्देश पर परीक्षा ली जा रही है। इसके अलावा छात्र विश्वविद्यालय के आसपास 500 मीटर तक धूम्रपान व मदिरा की बिक्री पर रोक, क्रीड़ा मैदान छात्रों के लिए खोलने, बाउंड्री का सौंदर्यीकरण, ऑफलाइन प्रणाली को ऑनलाइन करने समेत अन्य मांगें लेकर पहुंचे थे।
