बरेली: अब हेड कांस्टेबल की भर्ती के नाम पर पांच लाख ठगे

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अमृत विचार, बरेली। कुछ दिन पहले ही सुभाषनगर निवासी विष्णु कुमार सिंह के साथ दरोगा में भर्ती कराने के नाम पर फर्जी आईपीएस बनकर आठ लाख की ठगी का मामला सामने आया था। अब एक मामला और सामने आया है, जिसने विष्णु कुमार के साथ ठगी की थी। उसने सिपाही बनाने के नाम पर पांच …

अमृत विचार, बरेली। कुछ दिन पहले ही सुभाषनगर निवासी विष्णु कुमार सिंह के साथ दरोगा में भर्ती कराने के नाम पर फर्जी आईपीएस बनकर आठ लाख की ठगी का मामला सामने आया था। अब एक मामला और सामने आया है, जिसने विष्णु कुमार के साथ ठगी की थी। उसने सिपाही बनाने के नाम पर पांच लाख रुपये की भी ठगी की थी। एसएसपी ने आरोपी के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।

गणेशनगर निवासी अरुण कुमार सिंह ने मंगलवार को एसएसपी को दिये शिकायत पत्र में बताया है कि वहीं के रहने वाले दिलीप सिंह उर्फ टीटू चौहान, उसके भाई अजय चौहान और उनकी पत्नी से उनकी पहचान थी। आरोप है कि टीटू ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उसकी नौकरी कांस्टेबल पद पर लगवाने को कहा था। इसके साथ ही पांच लाख रुपये का खर्चा भी बताया था। नौकरी लगने की बात सुनकर अरुण कुमार ने आरोपी को पांच लाख रुपये दे दिए। इसके बाद उस बैच के सभी लोग ट्रेनिंग पर चले गए, लेकिन उसका कॉल लेटर नहीं आया, जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ।

जब पीड़ित ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने उसे पहले तो टहलाया और फिर दो-दो लाख के दो चेक दे दिए, जो कि बाउंस हो गए। पीड़ित का आरोप है कि आरोपी परिवार गैंग बनाकर रुपयों की ठगी करता है। इससे पहले भी वे लोग दरोगा बनाने के नाम पर आठ लाख रुपये ठग चुके है। पीड़ित की शिकायत पर उनके खिलाफ पहले ही मुकदमा दर्ज है। मंगलवार को एसएसपी ने शिकायत मिलने के बाद आरोपियों के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

खुद को बताया था आईपीएस
फर्जी आईपीएस बनकर आरोपी दिलीप सिंह ने सुभाषनगर के बदायूं रोड निवासी विष्णु कुमार के साथ दरोगा पद के लिये भर्ती कराने के नाम पर आठ लाख की ठगी की थी। उस मामले में दिलीप सिंह व उसके भाई अजय समेत आंवला वीरपुरा निवासी गब्बर सिंह के खिलाफ सुभाषनगर में मुकदमा दर्ज किया गया था। अब आरोपियों पर दूसरी ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें दूसरा पीड़ित भी सुभाषनगर थाने का ही है।

ट्रू कॉर्लर पर दिखा रहा आईपीएस
अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वह जब आरोपी का नंबर लगाते है तो ट्रू कॉर्लर पर आईपीएस एसोसिएशन दिल्ली लिखा हुआ नजर आता है। आरोपी की कॉल रिकार्डिंग होने पर ही उसने पीड़ित को दो-दो लाख के चेक दिए थे, लेकिन वह भी बाउंस हो गए।

दरोगा के नाम पर जिसने ठगी की थी, उसने ही कांस्टेबल के पद पर भर्ती कराने के नाम पर पांच लाख रुपये अन्य व्यक्ति से लिए थे। शिकायत मिलने पर आरोपी के खिलाफ दूसरा मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी

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