हल्द्वानी: घाटे से उबरने लगा परिवहन विभाग

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवहन विभाग में मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी डिपो के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की कवायद अब रंग दिखाने लगी है। कई माह से घाटे का सामना कर रहे विभाग की व्यवस्थाएं अब पटरी पर आने लगी हैं। हल्द्वानी डिपो में बसों के रोजाना संचालन से वर्तमान में रोजाना 13.50 तक की …

हल्द्वानी, अमृत विचार। परिवहन विभाग में मुख्यालय द्वारा राज्य के सभी डिपो के लिए लक्ष्य निर्धारित करने की कवायद अब रंग दिखाने लगी है। कई माह से घाटे का सामना कर रहे विभाग की व्यवस्थाएं अब पटरी पर आने लगी हैं। हल्द्वानी डिपो में बसों के रोजाना संचालन से वर्तमान में रोजाना 13.50 तक की आमदनी होने लगी है। लोगों को उम्मीद है कि अब जल्द ही विभाग की मूल व्यवस्थाओं में भी सुधार होगा। कारोना काल के दौरान आमजनों की सुरक्षा को देखते हुए देशव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था। इस कारण सरकारी सहित सभी निजी वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण रुप ब्रेक लगाया था। लिहाजा विभाग की आमदनी का मुख्य जरिया भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। बीते लगभग तीन माह से बसों के संचालन पर लगी रोक को पूर्ण रूप से हटा लिया गया है और आमदनी की वृद्धि के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यालय से मिला लक्ष्य अब आसान

देहरादून मुख्यालय द्वारा सभी विभागों को आमदनी बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा गया है। इसी क्रम में हल्द्वानी डिपो को रोजाना 14 लाख का लक्ष्य पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। अभी तक हल्द्वानी डिपो द्वारा 13.50 लाख तक का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। कार्यशाला प्रभारी सुरेंद्र कुमार के मुताबिक इस माह में आने वाले त्योहार के दिनों में लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि कभी – कभी लक्ष्य से ज्यादा का मुनाफा भी होने लगा है।

दिल्ली रूट की बसों से सबसे अच्छा मुनाफा

डिपो द्वारा रोजाना 52 अलग-अलग रुटों पर बसों का संचालन किया जाता है। इनमें दिल्ली के लिए संचालित 14 बसों से सबसे ज्यादा मुनाफा विभाग को मिल रहा है। प्रत्येक बस के एक चक्कर से अधिकतम 40 हजार तक का मुनाफा विभाग को प्राप्त हो रहा है। जबकि चंडीगढ़, गुडगांव, टनकपुर, पिथौरागढ़, फारीदाबाद सहित अन्य रूटों पर भी पूर्व की अपेक्षा बेहतर सुधार होने लगे हैं।

त्योहारी सीजन अब शुरू हो चुका है, होली पर्व के दिनों में सवारियों की संख्या में भी तेजी की उम्मीद है। इसके बाद विभाग को घाटे का सामना नहीं करना पडे़गा।

-सुरेंद्र सिंह बिष्ट, क्षेत्रिय महाप्रबंधक, हल्द्वानी

संबंधित समाचार