फिर बढ़ता संक्रमण
देश में कोरोना संक्रमण के ताजा आंकड़े फिर तेजी से बढ़ती इस महामारी को लेकर सतर्क कर रहे हैं। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में रोजाना कोविड-19 के नए मामलों में वृद्धि हो रही है और एक दिन में देशभर में कोरोना वायरस …
देश में कोरोना संक्रमण के ताजा आंकड़े फिर तेजी से बढ़ती इस महामारी को लेकर सतर्क कर रहे हैं। रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में रोजाना कोविड-19 के नए मामलों में वृद्धि हो रही है और एक दिन में देशभर में कोरोना वायरस संक्रमण के 87.73 प्रतिशत नए मामले इन्हीं सात राज्यों से सामने आए हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 15,602 नए मामले सामने आए हैं।
मंत्रालय के अनुसार, देश में एक दिन में 161 रोगियों की मौत हुई है। मौत के 84.47 प्रतिशत मामले छह राज्यों से आए हैं। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से एक दिन में 88 रोगियों की मौत हुई है। पंजाब में 22 और केरल में 12 रोगियों की जान गई है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में संक्रमण के 407 नए मामले सामने आए हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 6,43,696 हो गई है। उपचाराधीन रोगियों की संख्या 2,262 है।
फिर से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने की वजह से महाराष्ट्र के कई शहरों में लॉकडाउन लगाना पड़ा है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के लोगों को चेता दिया है कि अगर उन्होंने कोरोना बचाव के नियमों का पालन नहीं किया तो सरकार सख्त लाकडाउन को विवश होगी। गुजरात के सूरत शहर में शिक्षण संस्थानों को दो हफ्तों के लिए बंद किया गया है। उत्तर प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। गाजियाबाद में कई केस पाए गए हैं।
एक तरह जहां देश में कोरोना वैक्सीन की डोज लोगों को दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर फिर से संक्रमण के मामले बढ़ने से चिंता स्वाभाविक हो जाती है। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगर इसी रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ते गए तो पिछले साल जैसे हालात बनते देर नहीं लगेगी। फिर से लाॅकडाउन लगाने की नौबत आ सकती है। जािहर है कि अगर ऐसा हुआ तो फिर संकट गहराते देर नहीं लगेगी। पिछले साल लॉकडाउन के नतीजे सब देख ही चुके हैं। न जाने कितने ही लोगों की रोजी-रोटी चली गई। आज भी बहुत सारे लोग उस संकट की भरपाई नहीं कर पाए हैं।
यही वजह है कि सबसे कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क लगाने और दो गज की दूरी के नियमों के पालन करने की अपेक्षा और अपील लगातार की जा रही है लेकिन बाजार और सड़कों पर जुट रही भीड़ में बहुत से लोग न तो मास्क लगा रहे और न ही दो गज की दूरी के नियम का पालन कर रहे। यह स्थिति संक्रमण को बढ़ावा दे रही है इसलिए समय रहते चेतने की जरूरत है।
