बाराबंकी: फर्जी एनजीओ के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पुलिस ने किया भंडाफोड़

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बाराबंकी। गौशाला के रख-रखाव के लिये बिना कार्यालय के फ़र्ज़ी एनजीओ के जरिये अनेक प्रान्तो के लोगों को लाखों रूपये दिलाने का वादा करके ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। उक्त गिरोह पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अनेक लोगों …

बाराबंकी। गौशाला के रख-रखाव के लिये बिना कार्यालय के फ़र्ज़ी एनजीओ के जरिये अनेक प्रान्तो के लोगों को लाखों रूपये दिलाने का वादा करके ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। उक्त गिरोह पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में विभिन्न परियोजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर अनेक लोगों को अपने जाल में फंसा कर रूपये ऐठने के कई मुकदमे पंजीकृत है।

जन कल्याण एवं ग्रामोद्योग सेवा संस्थान चलाने वाले गिरोह के 5-6 सदस्यो के खिलाफ थाना मसौली में बीती 18 सितंबर 2020 को सत्यानंद दास उर्फ़ सत्य नारायण शुक्ला द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया था। जिसकी विवेचना करने पर लखनऊ के राजाजीपुरम में संस्थान का कार्यालय नहीं मिला। जिसके बाद पुलिस ने इन लोगो की खोज में जुट गयी।

लगातार प्रयास के बाद मंगलवार को गिरोह का एक सदस्य घनश्याम श्रीवास्तव पुत्र विक्रमा निवासी मिर्ज़ापुर क्षेत्र थाना जानकीपुरम विस्तार, लखनऊ, को पुलिस ने दबोच लिया। जिससे पूछताछ में पता चला की जन कल्याण एवं ग्रामोद्योग संस्थान फ़र्ज़ी है। पुलिस अधीक्षक उत्तरी अवधेश सिंह ने प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुऐ जानकारी दी, की यह अतर्राज्यीय गिरोह उत्तर प्रदेश सहित दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में सक्रिय रहा है। जिसने 50 से अधिक लोगो को अपनी ठगी का शिकार बना चुका है। जिस पर अलग जगहो पर आधा दर्जन मुकदमे पंजीकृत है।

फ़र्ज़ी चेक देकर की गयी ठगी
थाना मसौली क्षेत्र के ग्राम मलौली संकटमोचन पंचमुखी हनुमान मंदिर निवासी सत्यनरायण शुक्ला के एफआईआर में गिरोह के लोगो द्वारा गौशाला के रख -रखाव हेतु 67,00000 रूपये दिलाने की बात कही। जिसके बाद पांच हज़ार रूपये बतौर सदस्यता शुल्क लिये जाने के साथ 23 लाख 45 हज़ार रूपये का चेक देकर 17 हज़ार रूपये नकद और 50 हज़ार रूपये का चेक दिया।

भाजपा नेता को भी नहीं बक्शा
एनजीओ के नाम से परियोजना का लाभ दिलाने के नाम पर किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता रामबाबू द्विवेदी से भी 35 हज़ार रूपये नकद और 67 हज़ार रूपये की चेक ले कर ठग रफुचक्कर हो गये थे। बाद में उन्हे पता चला की यह एनजीओ फर्जी है, जिसका कार्यालय भी नहीं है।

अनेक परियोजनायें और फर्जी नियुक्ति पत्र
जन कल्याण एवं ग्रामोद्योग सेवा संस्थान के नाम से अलग- अलग लोगो से अलग- अलग स्कीम जिनमे पशु- पालन, मतस्य- पालन, गौशाला, दुकान/ संस्था खोलने पर अनुदान और बाल पुष्टाहार विभाग में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का प्रलोभन व अग्रिम चेक देकर कुल राशि का छः प्रतिशत एडवांस लेने का अवैध कार्य का खुलासा हुआ। जिसमे अभियुक्त घनश्याम के सहयोगियो में मीनाक्षी मिश्रा, प्रमोद मिश्रा, दिलीप श्रीवास्तव व् उसका पुत्र दीपक श्रीवास्तव के नाम सामने आया है।

संबंधित समाचार