सेना भर्ती में सेंध

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Edited By Amrit Vichar
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सेना में भर्ती प्रक्रिया को बेहद निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकों की कसौटी पर खरा माना जाता है लेकिन सीबीआई की जांच में भर्ती में जो गड़बड़झाला सामने आया है वह बेहद शर्मनाक है। सेना के चयन बोर्ड केंद्रों के जरिए भर्ती में अनफिट अभ्यर्थियों को भी पास किए जाने के खेल से यह भर्ती प्रक्रिया …

सेना में भर्ती प्रक्रिया को बेहद निष्पक्ष, पारदर्शी और मानकों की कसौटी पर खरा माना जाता है लेकिन सीबीआई की जांच में भर्ती में जो गड़बड़झाला सामने आया है वह बेहद शर्मनाक है। सेना के चयन बोर्ड केंद्रों के जरिए भर्ती में अनफिट अभ्यर्थियों को भी पास किए जाने के खेल से यह भर्ती प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आना अच्छे संकेत नहीं हैं।

सीबीआई ने रिश्वत लेकर भर्ती करने पर लेफ्टिनेंट कर्नल रैंक के पांच अधिकारियों, 12 अन्य कर्मियों और छह असैन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। देश भर में 30 स्थानों पर छापेमारी भी की गई है ताकि भर्ती में गड़बड़ी से संबंधित तथ्य जुटाए जा सकें। जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा है, अगर सीबीआई पूरे मामले की तह तक पहुंची तो सेना की भर्ती में गड़बड़झाले की सारी परतें खुल सकती हैं।

फिलहाल सामने आया है कि रिश्वत लेकर अनफिट अभ्यर्थियों को मेडिकल परीक्षण में पास कराया गया। इसकी विजिलेंस जांच में बड़ा रैकेट सामने आने के बाद ही सीबीआई को जांच सौंपी गई है। जांच में चौंकाने वाली बात यह भी है कि सिर्फ सैन्य अफसर और इसमें शामिल गिरोह के लोग ही नहीं, सैन्य अफसरों के रिश्तेदार और परिवार के सदस्य भी इसमें शामिल थे, जिन्होंने अभ्यर्थियों से रिश्वत की रकम ली।

वैसे सेना भर्ती में इससे पहले भी गड़बड़ी के मामले सामने आते रहे हैं लेकिन इस तरह का यह मामला बड़ा है, जब देश के कई सेना भर्ती चयन बोर्ड के केंद्रों पर ही उंगली उठी है। सेना की भर्ती जब-जब होती है तब-तब भर्ती कराने वाले गिरोह से जुड़े लोग सक्रिय हो जाते हैं। देश के कई हिस्सों में ऐसे गिरोह के लोग पकड़े जाते रहे हैं जो अभ्यर्थियों से सेना में भर्ती कराने के लिए पैसा लेते हैं। कई भर्ती रैलियों के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में इन गिरोह के सदस्यों की धर-पकड़ भी की गई।

सवाल यह है कि ऐसे गिरोह तभी सक्रिय होते हैं, जब सेना से जुड़े कुछ लोग उनको प्रश्रय देते हैं। हालांकि सुबूत न होने की वजह से ऐसे लोगों के चेहरे अब तक सामने नहीं आ पाते थे लेकिन अब जब बड़े मामले में ये चेहरे सामने आए हैं तो इन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि सेना में भर्ती के नाम पर अनफिट अभ्यर्थियों को भर्ती करने की प्रक्रिया में कभी सेंध न लग पाए। अब वक्त आ गया है जब सरकार को सेना भर्ती के लिए ऐसा तंत्र विकसित करना चाहिए जिसे भेद पाना किसी के लिए आसान न रहे। सेना में भर्ती निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, यह बेहद जरूरी है।