लापरवाही ठीक नहीं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के बढ़ते संकट पर बुधवार को वीिडयो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बुलाई सारे राज्यों के मुख्यमंत्री की बैठक में कहा कि कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए। हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और …
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना के बढ़ते संकट पर बुधवार को वीिडयो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बुलाई सारे राज्यों के मुख्यमंत्री की बैठक में कहा कि कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए।
हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है। ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ को लेकर भी हमें उतनी ही गंभीरता की जरूरत है जैसे कि हम पिछले एक साल से करते आ रहे हैं। हर संक्रमित व्यक्ति के कॉन्टैक्ट को कम से कम समय में ट्रैक करना और आरटी-पीसीआर टेस्ट रेट 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है।
प्रधानमंत्री की बात बेहद अहम है। अब जब देश में कोरोना की दूसरी लहर सिर उठा रही है तो सबकी चिंता स्वाभािवक हो जाती है, क्योंकि पिछले साल के हालात से हम सब उबरकर निकले हैं, ऐसे में यदि दूसरी लहर सिर उठाती है तो भयावह हालात का अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखकर हालांकि महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगाया गया है। महाराष्ट्र सरकार ने पुणे, नागपुर और औरंगाबाद में नाइट कर्फ्यू लगाया है। गुजरात सरकार ने अहमदाबाद, वड़ोदरा, सूरत और राजकोट में नाइट कर्फ्यू की घोषणा की है। मध्य प्रदेश की सरकार ने भोपाल और इंदौर शहर में नाइट कर्फ्यू लागू किया है।
दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भी संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। हालांकि प्रधानमंत्री ने साफ संदेश दिया है कि जनता पैनिक मोड में न आए इसलिए वो फिलहाल देशव्यापी लॉकडाउन जैसी स्थिति के मूड में कतईं नहीं हैं। उन्होंने सभी राज्यों को पूरे आत्मविश्वास के साथ दूसरी लहर से निपटने और जनता से जरा भी लापरवाही न करने की अपील की है। प्रधानमंत्री की इस अपील के बहुत मायने हैं। एक तो वह सरकारी मशीनरी को संक्रमण से निपटने के लिए पूरी सक्रियता बरतने के पक्षधर हैं, वहीं आम जनता से कहना चाहते हैं कि पहले की तरह मास्क और दो गज की दूरी का पालन किया जाए।
अलबत्ता, कोरोना की वैक्सीन लगाने का काम देश में तेजी से किया जा रहा है लेकिन वैक्सीन हर किसी तक बहुत जल्द पहुंचाना संभव नहीं है इसलिए सावधानी ही संक्रमण से बचाव का सबसे बेहतर उपाय है। प्रधानमंत्री की इस मंशा को समझते हुए हम सबकी िजम्मेदारी है कि मास्क और दो गज की दूरी का पालन नियमित करते हुए कोरोना की दूसरी लहर को भी मात दें।
