तत्काल टूटे बेपरवाही
देश में कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक अब साफ नजर आने लगी है। यही वजह है कि पहले नाइट कर्फ्यू और कुछ शहरों में लॉकडाउन के बाद गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में स्कूल और कॉलेजों को फिर से बंद करना पड़ा है। इन राज्यों में पिछले कुछ समय से संक्रमण के केस लगातार बढ़ते …
देश में कोरोना की दूसरी लहर की दस्तक अब साफ नजर आने लगी है। यही वजह है कि पहले नाइट कर्फ्यू और कुछ शहरों में लॉकडाउन के बाद गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में स्कूल और कॉलेजों को फिर से बंद करना पड़ा है। इन राज्यों में पिछले कुछ समय से संक्रमण के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसका असर देश के दूसरे राज्यों में भी देखने को मिल रहा है।
प्रदेश में महाराष्ट्र से आने वालों का कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है। प्रदेश में लगातार केस बढ़ते जा रहे हैं। इस सप्ताह संक्रमण के मामले कई जिलों में बेतहाशा बढ़े हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी संक्रमण के मामलो में इजाफा हो रहा है। जाहिर है कि यह स्थिति चिंताजनक है।
बढ़ते संकट को देखकर विशेषज्ञ अगले कुछ महीनों में संक्रमण के मामलों में इजाफा होने के संकेत दे रहे हैं। सबको आगाह भी किया जा रहा है कि वे मास्क और आपस में दूरी के नियम का पालन करते रहें। शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में डीएम की ओर से आदेश जारी कर दिया गया कि बिना मास्क के किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रतिष्ठान में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
इस सबके इतर कई शहरों में बाजार में भीड़ कम नहीं हुई है। बाजारों में बेतहाशा उमड़ रही भीड़ और सार्वजनिक स्थानों पर टूटती सोशल डिस्टेंसिंग संक्रमण के खतरे को बढ़ने का साफ संकेत दे रही है। इसके बावजूद लोग बेपरवाह बने हुए हैं। आम तौर पर लोगों की बेपरवाही टूट नहीं रही है।
आलम ऐसा है, जैसे लोग मान रहे हैं कि कोरोना से कुछ नहीं बिगड़ेगा। जबकि पिछले साल संक्रमण की स्थिति का अंदाजा देखा जा चुका है। इस बीच कोरोना वैक्सीन लगाने का काम तेज कर दिया गया है लेकिन वैक्सीनीकरण की तेजी कितनी ही बढ़ जाए, सबको उसकी डोज जल्द देनी संभव नहीं है।
ऐसे में, अफसोस यह है कि लोगों की समझ में यह नहीं आ रहा है कि अगर संक्रमण बढ़ा तो फिर एक बार लॉकडाउन की नौबत आ सकती है। अगर ऐसा हुआ तो हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। इससे बेहतर है कि पहले से ही सबके स्तर से बचाव के सारे जरूरी उपायों को अमल में लाया जाए।
अगर बचाव के नियमों का पालन किया जाएगा तो संक्रमण को बढ़ावा नहीं मिलेगा। बेहतर है कि हम सब अपने-अपने स्तर पर तत्काल ही जागरूक हो जाएं और नियमित तौर पर मास्क का इस्तेमाल करें। सार्वजनिक स्थानों पर इकट्ठा न हों, जिससे भीड़ न लगे। ये जरूरी उपाय करना बेहतर जरूरी हो गया है, वरना संक्रमण का खमियाजा सबको भुगतना होगा।
