हल्द्वानी: टीबी अस्पताल का हाल ब‍ेहाल, गंदगी के बीच मरीजों का उपचार

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हल्द्वानी, अमृत विचार। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। फलस्वरुप मरीजों को विभागीय लापरवाही के चलते आवश्यक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। अस्पतालों में बदहाली का आलम यह है कि गंदगी के बीच मरीजों का उपचार चल रहा है। टीबी अस्पताल …

हल्द्वानी, अमृत विचार। लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रयास किए जा रहे हैं। फलस्वरुप मरीजों को विभागीय लापरवाही के चलते आवश्यक सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। अस्पतालों में बदहाली का आलम यह है कि गंदगी के बीच मरीजों का उपचार चल रहा है।

टीबी अस्पताल में व्याप्त बदहाली के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के पुरुष एमडीआर टीबी वार्ड के पास ही बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आईं हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानों कई वर्षों यहां की साफ-सफाई नहीं कराई गई हो। इसके अलावा झाड़ियों में गंदे पानी का निकास हो रहा है। इस कारण यहां बीमारियों के संक्रमण होने की भी आशंका बनी रहती है। घनी झाड़ियों के होने से कई बार नुकसानदायक कीट भी वार्ड तक पहुंच जाते हैं। ऐसी अनियमितताओं के साथ मरीजों व तिमारदारों को उपचार के कारण यहां रहने के लिए विवश होना पड़ रहा है।

न कर्मचारी न स्ट्रेचर 
अस्पताल में गंभीर रुप से बीमार पत्नी का इलाज कराने आए रुद्रपुर निवासी ओमप्रकाश को कर्मचारियों द्वारा अनदेखी होने पर खदु ही गोद में उठा कर दूसरी मंजिल तक ले जाना पड़ा। स्थिति यह रही कि वह सुबह ही लगभग 11 बजे एंबुलेस के जरिए पत्नी को टीबी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बाहरी परिसर से मुख्य अस्पताल तक खुद ही स्ट्रेचर पर पत्नी को लेटा कर खींच कर लाए। यहां आने पर उम्मीद थी स्ट्रेचर पर गंभीर मरीज को देख कर कोई न कोई कर्मचारी मदद के लिए जरुर आएगा, लेकिन कुछ देर देखने के बाद भी कोई स्वास्थ्य कर्मी नही आया तो पति ओमप्रकाश ने पत्नी को गोद में उठा नीचे से दूसरी मंजिल तक ले गए।

अस्पताल के लिए पांच माह पूर्व नए भवन का निर्माण कराया जा रहा है, इसलिए व्यवस्थाएं अस्त -व्यस्त हैं। वर्तमान में व्याप्त कमियों को जल्द दूर किया जाएगा। डॉ. दिनेश चंद्र पुनेरा, एसोसिएट प्रोफेसर, टीबी अस्पताल

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