खटीमा: शारदा नदी का जल स्तर 3,997 क्यूसेक दर्ज, केवल एक टरबाइन के ही चक्के घूमे
अमृत विचार, खटीमा। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फ कम पिघलने से शारदा नदी का जल स्तर न्यूनतम 3,997 क्यूसेक बना हुआ है। रविवार सुबह बनबसा बैराज से लोहियाहेड पावर हाउस को मात्र 3,493 क्यूसेक पानी मिलने से तीन पर एक टरबाइन के चक्के ही घूम पाए। इससे केवल 14-15 मेगावाट लोड टरबाइन संख्या तीन चली। …
अमृत विचार, खटीमा। उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फ कम पिघलने से शारदा नदी का जल स्तर न्यूनतम 3,997 क्यूसेक बना हुआ है। रविवार सुबह बनबसा बैराज से लोहियाहेड पावर हाउस को मात्र 3,493 क्यूसेक पानी मिलने से तीन पर एक टरबाइन के चक्के ही घूम पाए। इससे केवल 14-15 मेगावाट लोड टरबाइन संख्या तीन चली। मार्च के अंतिम सप्ताह या मई पहले सप्ताह से बर्फ कुछ पिघलने से जल स्तर में कुछ बढ़ोत्तरी की संभावना जताई गई है।
बता दें कि क्षेत्र के प्रमुख लोहियाहेड पावर हाउस की तीन टरबाइनों को क्षमता 10500 क्यूसेक पानी मिलने पर 45 मेगावाट तक बिजली उत्पादन होता है। बरसात के मौसम में पावर हाउस को पर्याप्त पानी शारदा नदी से मिलता है तो पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन होता है। सर्दी के मौसम में उच्च हिमालयी क्षेत्र में पारा लुढ़कने से बर्फ कम पिघलता है इससे नदी का जल स्तर न्यूनतम हो जाता है। पावर हाउस के डीजीएम महकार सिंह ने बताया कि रविवार को बनबसा बैराज पर शारदा नदी का जल स्तर न्यूनतम रहने से क्षमता 10500 क्यूसेक पर 3,493 क्यूसेक पानी मिलने पर टरबाइन संख्या तीन ही चल पाई। दो नंबर व एक नंबर टरबाइन को बंद रखना पड़ा। उन्होेंने उम्मीद जताई कि मार्च अंत व मई पहले सप्ताह में बर्फ पिघलना कुछ शुरू होने पर जल स्तर में बढ़ोत्तरी शुरू होने की संभावना है।
