मुरादाबाद: शताब्दी एक्सप्रेस मामले में रेलकर्मी गिरफ्तार, स्टेशनों पर बढ़ेगी सतर्कता
मुरादाबाद, अमृत विचार। लखनऊ-शताब्दी एक्सप्रेस हादसा में लोडिंग पार्टी प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद विभाग में खलबली मच गयी है। रेलवे मुख्यालय द्वारा मंडल और प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों में लादे जाने वाले सामान की जांच पड़ताल तेज कर दी गई है। आरपीएफ ने पार्सल टीम और कोरियर एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। यानी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। लखनऊ-शताब्दी एक्सप्रेस हादसा में लोडिंग पार्टी प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद विभाग में खलबली मच गयी है। रेलवे मुख्यालय द्वारा मंडल और प्रमुख स्टेशनों पर ट्रेनों में लादे जाने वाले सामान की जांच पड़ताल तेज कर दी गई है। आरपीएफ ने पार्सल टीम और कोरियर एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। यानी की अब सामानों के गठ्ठर की सुरक्षा एजेंसी के सदस्य गहन जांच करेंगे और पार्टी प्रबंधकों से बुकिंग के संबंध में बयानहल्फी भी लेंगे।
मंडल और प्रमुख स्टेशनों पर मटेरियल जांच का गहन अभियान चलेगा। 02004 नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस के गाजियाबाद में आग प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय) दिल्ली के नेतृत्व में रेल सुरक्षा बल की तीन टीमों का गठन किया गया है। टीमें घटना स्थल के लिए, नई दिल्ली के लोडिंग प्वाइंट के लिए और सीसीटीवी, सबूत जुटाने एवं गिरफ्तारी के लिए बनाई गयी हैं। टीम के हाथ एसिड आधारित बैटरी आइटम, ब्लूटूथ, ज्वलनशील वस्तुओं के जलने का स्रोत, मोबाइल क्लीनर द्रव्य जैसे अनेक प्रतिबंधित सामान घटना स्थल से लगे हैं।
लोडिंग पार्टी के प्रबंधक ज्ञानेन्द्र पांडे ने अपने अग्रेषण नोट में इन वस्तुओं को ज्वलनशील की बजाय कूरियर की वस्तुओं के रूप में दर्ज कराया था। ज्ञानेन्द्र पांडे ने इन बातों को स्वीकार किया है। आरोपी ज्ञानेन्द्र पांडे को यात्रियों की जान जोखिम में डालने और गलत सूचना देकर गैर-कानूनी तरीके से रेलगाड़ी में ज्वलनशील एवं प्रतिबंधित सामान ले जाने के लिए रेलवे अधिनियम की धारा 153,163 और 164 के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ कमांडेंट मनोज कुमार का कहना है कि सभी को अलर्ट कर दिया गया है। सुरक्षा बल की ओर से यह कार्य नियमित किया जाता है। अब विशेष अभियान भी चलेगा।
सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक नरेश कुमार ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव चेकिंग डाइव के आदेश जारी हुए हैं। रेलवे बोर्ड के आदेश के आधार पर सभी विभाग ऐसा अभियान चलाएंगे। आरपीएफ, मैकेनिकल, बिजली विभाग 15 दिन अभियान चलाएगा। वाणिज्य विभाग की ओर से 10 विंदुओं पर जांच अभियान चलाया जाएगा। कोच में पेंट्रीकार, टायलेट, नान स्मोकिंग बोर्ड की जांच होगी। टीटीई भी इस कार्य के लिए जवाबदेह बनाए गए हैं।
