बरेली: विश्वविद्यालय कर्मचारियों ने काम किया ठप

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अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने से नाराज होकर मंगलवार को काम ठप रखा। करीब 350 कर्मचारियों ने पूरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। अधिकारियों से दो बार की वार्ता के बाद भी बात नहीं बन सकी। अब कर्मचारी बुधवार को भी सुबह 10:30 बजे से धरना-प्रदर्शन करेंगे। लिखित आश्वासन के …

अमृत विचार, बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने से नाराज होकर मंगलवार को काम ठप रखा। करीब 350 कर्मचारियों ने पूरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। अधिकारियों से दो बार की वार्ता के बाद भी बात नहीं बन सकी। अब कर्मचारी बुधवार को भी सुबह 10:30 बजे से धरना-प्रदर्शन करेंगे। लिखित आश्वासन के बाद ही कर्मचारी काम शुरू करेंगे। कर्मचारियों के काम न करने की वजह से अंकतालिका, उपाधि व अन्य काम से आए छात्रों व अन्य को दिक्कत हुई और उन्हें वापस लौटना पड़ा। इस दौरान प्रशासनिक भवन के अंदर अधिकारी और बाहर कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासनिक भवन में अंदर सन्नाटा पसरा रहा।

विश्वविद्यालय के मिनिस्टीरियल स्टॉफ एसोसिएशन और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने पारिश्रमिक समेत अन्य वित्त संबंधी मांगों को लेकर 20 जून 2020 को मांग पत्र विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया था। उसके बाद से उनकी मांगों को टरकाया जा रहा था। कर्मचारियों को आश्वासन दिया गया था कि वित्त समिति की बैठक में उनकी मांगों पर विचार किया जाएगा लेकिन बीते दिनों हुई बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। प्रशासन के द्वारा विश्वविद्यालय में प्रवेश कम होने से घाटे की बात कही।

कर्मचारियों का कहना है कि जब घाटा हुआ है तो मल्टीपरपज हॉल बनाने समेत कई भवन बनाने व उनकी मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये का बजट पास कर दिया गया है। कर्मचारियों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया था। सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध किया था और मंगलवार से काम में असहोग की चेतावनी दी थी। मांगे पूरी न होने पर मंगलवार सुबह 10:30 बजे से सभी कर्मचारी धरने पर बैठ गए।

कर्मचारी संगठन के पदाधकारियों ने पहले कुलपति प्रो. केपी सिंह से वार्ता की लेकिन बात नहीं बन सकी। उसके बाद कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय, परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने धरना दे रहे कर्मचारियों से वार्ता की। कर्मचारियों ने 15 अप्रैल तक अगली वित्त समिति की बैठक कराकर मांगो पर विचार करने की मांग की लेकिन उन्हें एक पत्र दिया गया, जिसमें 15 मई तक बैठक कराने का आश्वासन दिया गया। शाम तक कर्मचारी धरने पर बैठे रहे और फिर अगले दिन भी प्रदर्शन का निर्णय लिया।

प्रदर्शन करने वालों में मिनिस्टीरियल स्टॉफ एसोसिएशन के अध्यक्ष राज बहादुर सिंह, महामंत्री रामप्रीत, आकाश सक्सेना, देवेंद्र राम, सुनील शर्मा, जनार्दन राव, अनिल कुमार सिंह, मनोज पांडेय, देवेंद्र सिंह, असित मिश्रा, युवराज सक्सेना, राजीव सागर, नसीम बानो, वसुंधरा समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

मांगे न माने जाने की वजह से काम ठप किया गया है। दो बार की वार्ता के बाद भी बात नहीं बनी है। बुधवार को भी काम ठप रहेगा। लिखित आश्वासन के बाद ही काम शुरू करेंगे। -राजबहादुर सिंह, अध्यक्ष मिनिस्टीरियल स्टॉफ एसोसिएशन

विश्वविद्यालय घाटे में चल रहा है। कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का हल लगभग निकाल लिया गया है। विश्वविद्यालय में सभी काम संचालित कराए जा रहे हैं। -प्रो. केपी सिंह, कुलपति एमजेपी आरयू

बदायूं से डिग्री में नाम ठीक कराने के लिए आया था। यहां आया तो पता चला कि काम नहीं हो रहा है। -वीरेश, छात्र

डिग्री में का नाम ठीक कराना था। कर्मचारियों के काम न करने की वजह से परेशान होकर लौटना पड़ा। -दिलशाद

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