किसान नेता राकेश टिकैत के काफिले पर हमला, चार लोग हिरासत में
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बानसूर में किसान सभा को संबोधित करने जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत के काफिले पर ततारपुर चैराहे पर कुछ लोगों द्वारा पथराव किया गया हमला किया गया। हमले में पथराव से राकेश टिकैत के काफिले की गाड़ी के शीशे टूट गए। असामाजिक तत्वों के द्वारा टिकैत पर स्याही …
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के बानसूर में किसान सभा को संबोधित करने जा रहे किसान नेता राकेश टिकैत के काफिले पर ततारपुर चैराहे पर कुछ लोगों द्वारा पथराव किया गया हमला किया गया। हमले में पथराव से राकेश टिकैत के काफिले की गाड़ी के शीशे टूट गए। असामाजिक तत्वों के द्वारा टिकैत पर स्याही डाली गई। इस हमले के बाद पुलिस सक्रिय हुई और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कुलदीप यादव और उसके सर्थकों द्वारा किसान नेता राकेश टिकैत पर हमला किया गया। इसके बाद टिकैत को पुलिस सुरक्षा में बानसूर लाया गया। जानकारी के अनुसार किसान नेता हरसोली में सभा को सम्बोधित करके बानसूर जा रहे थे तभी उन पर हमला किया गया। हमले के बाद कुछ लोगों ने तितारपुर चैराहे पर जाम लगाया।
नीमराणा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरुशरण राव ने बताया कि राकैश टिकैत के काफिले पर हुए हमले की घटना में कुलदीप यादव सहित चार लोगों को हिरासत में लिया है। अन्य लोगों को नामजद करने के प्रयास किए जा रहे हैं जिन्हें गिरफ्तारी के लिए टीमें भेजी गई हैं। उन्होंने बताया कि स्याही फेंकने और काले झंडे दिखाने की बात सामने आई थी।
इस बीच राकेश टिकैत ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उनके पीसीओ की पिस्टल छीनने का प्रयास किया गया। गाड़ी पर लाठी मारी गई। पथराव किया गया। शीशे तोड़े गए। उन्होंने कहा कि जब उनके पीसीओ की पिस्टल छीनने का प्रयास किया जा रहा था तभी उनका पीसीओ फायरिंग कर सकते थे लेकिन फिर यह होता कि किसान नेता ने फायरिंग कराई है।
उन्होंने बताया कि इस घटना में कोई भारतीय जनता पार्टी का विधायक है जिसने इन लोगों को भेजा है गाड़ी में कितना नुकसान हुआ है यह भी देखेंगे और उनके कार्यकर्ताओं के साथ भी मारपीट कर की गई है कई लोगों को चोटें आई हैं। स्थानीय कार्यकर्ता ही इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराएंगे। उन्होंने बताया कि कानून जब तक वापस नहीं होगा तब तक कि आंदोलन चलेगा।
राकेश टिकैत ने उम्मीद जताई कि एक यह आंदोलन नवंबर दिसंबर तक चल सकता है। उन्होंने किसानों को आह्वान किया कि वे अपने ट्रैक्टरों पर बमपर बांधवालें और देहली कुछ कभी भी की जा सकती है अपने माल को बेचने के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि मंडी के बाहर भी किसान अपना माल भेज सकता है इसलिए किसान अब पार्लिमेंट के बाहर अपना माल बेचेंगे पार्लियामेंट से बढ़िया कोई जगह नहीं हो सकती वही कांटे लगवाए जाएंगे और वहीं पर्ची कटेगी और किसान अपना माल बेचेगा।
