ऑनलाइन पढ़ाई

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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लगातार बढ़ते काेरोना प्रकोप को देखते हुए यूपी सरकार ने फिर से कक्षा आठ तक के निजी और सरकारी स्कूलों को 11 अप्रैल तक बंद रखने की घोषणा कर दी है। जिस तरह से प्रदेश में ही नहीं, देश भर में कोरोना संक्रमण के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं, उसको देखते हुए स्कूलों को …

लगातार बढ़ते काेरोना प्रकोप को देखते हुए यूपी सरकार ने फिर से कक्षा आठ तक के निजी और सरकारी स्कूलों को 11 अप्रैल तक बंद रखने की घोषणा कर दी है। जिस तरह से प्रदेश में ही नहीं, देश भर में कोरोना संक्रमण के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं, उसको देखते हुए स्कूलों को बंद करने के अलावा कोई उपाय नहीं दिख रहा।

बच्चों को संक्रमण से बचाने के लिए यह जरूरी उपाय है लेकिन इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होगी। ऐसे में, सरकार का जोर ऑनलाइन पढ़ाई पर है, हालांकि स्कूलों की ओर से अभी भी ऑनलाइन पढ़ाई के पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए गए हैं। पिछले साल जब कोरोना का प्रकोप बढ़ा था, उसके बाद से ही ऑनलाइन पढ़ाई पर जोर दिया जाने लगा।

प्रदेश ही नहीं, देश भर में ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कराई भी गई लेकिन अभी सुदूर गांव तक इसके लिए पर्याप्त बंदोबस्त नहीं किए जा सके हैं। बेसिक शिक्षा परिषद और यूपी बोर्ड के स्कूलों की ओर से ऑनलाइन पढ़ाई के बेहर बंदोबस्त नहीं हैं, वहीं, हर बच्चे के पास ऑनलाइन पढ़ने के लिए मोबाइल और लैपटॉप इत्यादि का भी अभाव है।

जाहिर है कि ऐसी स्थिति में ऑनलाइन पढ़ाई हर बच्चे तक नहीं पहुंच सकेगी। बेहतर हो कि सरकार को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पर्याप्त इंतजाम करने चाहिए और इसके लिए जरूरी संसाधनों को भी मुहैया कराना चाहिए। जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा है कि कोरोना की दूसरी लहर अभी और भयावह रूप लेगी।

विशेषज्ञ अनुमान जाहिर कर रहे हैं कि अगले कुछ महीने संक्रमण बेतहाशा बढ़ेगा। ऐसे में और कोई उपाय नहीं, इसके सिवाय कि कोरोना से बचाव के लिए जरूरी उपाय किए जाएं। वैज्ञानिकों ने एक गणितीय मॉडल का इस्तेमाल कर अनुमान जताया है कि देश भर में जारी कोविड-19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर अप्रैल के मध्य में चरम पर पहुंच जाएगी। इसके बाद मई अंत तक संक्रमण के मामलों में काफी गिरावट देखने को मिल सकती है।

आईआईटी कानपुर के मनिंद्र अग्रवाल समेत अन्य वैज्ञानिकों ने इस मॉडल का प्रयोग संक्रमण के मामलों में वर्तमान वृद्धि की प्रवृत्ति का अनुमान लगाने के लिए किया और पाया कि वैश्विक महामारी की जारी लहर में संक्रमण के रोजाना के नये मामले अप्रैल के मध्य में चरम पर पहुंच जाएंगे। वहीं, विश्व स्वास्थ्य संगठन भी ऐसे ही संकेत लगातार दे रहा है। ऐसे में, बेहतर यही है कि हम सब लगातार दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी नियम का पालन करते रहें।