देहरादून: ड्रोन से होगा जमरानी बांध की जद में आ रहे प्रभावित गांवों का सर्वे

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देहरादून, अमृत विचार। राज्य में अब आपदा के दौरान राहत बचाव कार्यों और सरकारी योजनाओं के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होगा। इसकी तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं। अभी स्वामित्व योजना के अंतर्गत डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन के कार्य में भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे नए माल व मानव वाहक …

देहरादून, अमृत विचार। राज्य में अब आपदा के दौरान राहत बचाव कार्यों और सरकारी योजनाओं के लिए ड्रोन का इस्तेमाल होगा। इसकी तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं। अभी स्वामित्व योजना के अंतर्गत डिजिटल इंडिया लैंड रिकार्ड मॉडर्नाइजेशन के कार्य में भी ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

ऐसे नए माल व मानव वाहक ड्रोन भी बनाए जाने भी प्रस्तावित हैं, जो पांच से दस किमी की रेंज में 20 से 25 मिनट तक 100 किलो के वजन को नियंत्रित कर सकते हैं। इसके अलावा वन्यजीव प्रबंधन, वनाग्नि प्रबंधन एवं वन नियोजन के लिए भी ड्रोन का इस्तेमाल होना प्रस्तावित है। साथ ही जमरानी बांध परियोजना में भी प्रभावित गांवों का सर्वेक्षण ड्रोन तकनीक से ही किया जाएगा।

बता दें कि, उत्तराखंड में साल 2018 में केंद्र के सहयोग से ड्रोन एप्लीकेशन एवं अनुसंधान केंद्र (डार्क) की स्थापना की गई है, जिसका उद्देश्य ड्रोन के लिए स्टेट ऑफ आर्ट ड्रोन उपयोग एवं अनुसंधान स्थापित करना, ड्रोन संचालकों के लिए उच्च तकनीकी युक्त प्रशिक्षण व्यवस्था, एवं वन सर्वे, पुलिस विभाग की ओर से आपदा राहत कार्यक्रमों में उपयोग की क्षमता विकसित करने के लिए तकनीकी सुविधा उपलब्ध कराना है।  इस अनुसंधान केंद्र के तहत डार्क ड्रोन, ड्रोन फ्लाइंग परमिशन एप, डार्क मैपर, व डार्क एप फार डीजेआइ ड्रोन आदि बनाए गए हैं। डीजेआइ ड्रोन का इस्तेमाल ही सर्वे के लिए किया जाएगा।

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