बरेली: विवि में कर्मचारियों के पटल बदलने पर हंगामा, फार्म जमा करने से रोका
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को परीक्षा विभाग के 22 कर्मचारियों के पटल बदलने पर हंगामा हो गया। कर्मचारियों ने विरोध जताते परीक्षा फार्म जमा करना बंद कर दिया। कर्मचारियों ने सहायक कुलसचिव (परीक्षा) सुनीता यादव का घेराव किया और पटल परिर्वतन का आदेश वापस लेने की मांग की। कर्मचारियों की प्रशासनिक …
बरेली, अमृत विचार। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को परीक्षा विभाग के 22 कर्मचारियों के पटल बदलने पर हंगामा हो गया। कर्मचारियों ने विरोध जताते परीक्षा फार्म जमा करना बंद कर दिया। कर्मचारियों ने सहायक कुलसचिव (परीक्षा) सुनीता यादव का घेराव किया और पटल परिर्वतन का आदेश वापस लेने की मांग की। कर्मचारियों की प्रशासनिक अधिकारी से भी नोकझोंक हो गई। यहां तक कि रुपयों के लेनदेन के भी आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए।
नाराज कर्मचारियों ने जब फार्म जमा करने आए महाविद्यालयों के कर्मचारियों को बाहर जाने के लिए बोला तो उनसे भी झगड़ा हो गया और हाथापायी हो गई। किसी तरह से मामला शांत हुआ और फिर फार्म जमा किए गए। इस दौरान कोरोना नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। महाविद्यालयों को दो दिन फार्म वेरीफिकेशन का और समय भी दे दिया गया है।
सहायक कुलसचिव परीक्षा सुनीता यादव ने मंगलवार को कुलपति के आदेश पर परीक्षा विभाग के कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए 22 कर्मचारियों के कार्यों का आवंटन कर पटल परिवर्तन का आदेश जारी कर दिया। इन पटलों पर कर्मचारी कई सालों से काम कर रहे थे। जिन 22 कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी दी गई उनमें प्रशासनिक अधिकारी अनिल कुमार सिंह, विजय बहादुर सिंह, अनिरुद्ध सिंह, मनोज शंखवार, जगत देव, राजेंद्र शर्मा, नफीस खां, ओम प्रकाश, मनोज पांडेय, पंकज श्रीवास्तव, मानव राज शर्मा, हितेष तिक्खा, मयंक चौहान, जगदीश, पंकज कुमार, अशोक कुमार, ज्ञान सिंह, सुभाष चंद्र, अवधेश पांडेय, विपिन चंद्र दुबे, सचिन वर्मा और वीरेंद्र कुमार हैं।
जैसे ही कर्मचारियों को पटल बदलने की सूचना मिली तो सभी ने काम बंद कर विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारी सबसे पहले परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार के पास गए लेकिन वहां से संतोष जनक जवाब न मिलने पर सभी परीक्षा विभाग में पहुंच गए। यहां प्रशासनिक अधिकारी महाविद्यालयों के फार्म जमा करा रहे थे। कर्मचारियों ने हंगामा शुरू कर दिया और फार्म जमा करने का काम रुकवा दिया। महाविद्यालयों के कुछ कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो कर्मचारी उनसे भिड़ गए और हाथापायी शुरू हो गई। उसके बाद यूनियन के पदाधिकारी और कर्मचारी सहायक कुलसचिव परीक्षा नियंत्रक के पास पहुंचे और विरोध जताया।
कर्मचारियों ने कहा आदेश को वापस लिया जाए। कर्मचारियों ने अनिल सिंह का भी पटल बदलने की मांग की। सहायक कुलसचिव ने कर्मचारियों से कहा कि सभी के काम की समीक्षा के बाद कुलपति के आदेश पर पटल बदले गए हैं। किसी को कोई दिक्कत है, तो उन्हें बताएं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि फार्म जमा करने के दौरान महाविद्यालयों के कर्मचारियों से रुपये भी लिए जा रहे थे। इसका एक वीडियो भी वायरल होने की चर्चा है और इसे अधिकारियों को भी महाविद्यालय के कर्मचारी ने दिखाया है।
वहीं दूसरी तरफ के कर्मचारियों ने आरोप लगा कि लंबे समय से पटल पर जमे कर्मचारी छात्रों को परेशान कर रहे थे। रुपये लेने के भी आरोप लगे। जिस वक्त कर्मचारी अंदर बात कर रहे थे तो एक बार फिर से बाहर मौजूद कर्मचारियों की महाविद्यालय के कर्मचारियों से हाथापायी हो गई। एक-दूसरे का कालर पकड़ लिया।
सुरक्षा प्रभारी सुधांशु शर्मा सुरक्षा कर्मियों के साथ पहुंचे और मामले को शांत किया। सहायक कुलसचिव के कक्ष में भी कर्मचारियों की एक-दूसरे से नोकझोंक हो गई। जब सहायक कुलसचिव ने आदेश को न बदलने की बात कही तो सभी कुलसचिव डा. सुनीता पांडेय के पास पहुंचे और अपनी समस्या रखी। उसके बाद सहायक कुलसचिव ने प्रशासनिक अधिकारी की मदद से सभी महाविद्यालयों के फार्म जमा कराए।
कुलपति के आदेश पर पटल परिवर्तन किए गए हैं। सभी को नई जिम्मेदारी दी गई है। परीक्षा फार्म भी जमा कराए गए हैं। -सुनीता यादव, सहायक कुलसचिव परीक्षा
