कैसे हराएंगे कोरोना को

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Edited By Amrit Vichar
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देश में तेजी से बढ़ता कोरोना संक्रमण खतरे की घंटी है। कोरोना के बढ़ते नए मामले इशारा कर रहे हैं कि हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। भारत दुनिया में पहला देश हो गया है, जहां संक्रमण के नए मामले मिलने की रफ्तार सबसे ज्यादा हैं। अभी तक पहले पर अमेरिका व दूसरे नंबर पर …

देश में तेजी से बढ़ता कोरोना संक्रमण खतरे की घंटी है। कोरोना के बढ़ते नए मामले इशारा कर रहे हैं कि हालात फिर से बिगड़ सकते हैं। भारत दुनिया में पहला देश हो गया है, जहां संक्रमण के नए मामले मिलने की रफ्तार सबसे ज्यादा हैं। अभी तक पहले पर अमेरिका व दूसरे नंबर पर ब्राजील था। चिंता की बात है कि ये हालात तब हैं, जबकि देश में टीकाकरण अभियान जोरों पर चल रहा है।

संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, इसके पीछे कहीं न कहीं लापरवाही बड़ी वजह है। लापरवाही ही महामारी से लड़ने में सबसे बड़ी बाधा बन रही है। लापरवाही की पराकाष्ठा है कि कुछ दिन पहले तक देश के आठ राज्यों में हालात गंभीर होने की बात थी, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है।

देश के पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडू, केरल व पुंडुचेरी में चुनाव हो रहे हैं। हालात वहां भी अच्छे नहीं हैं। वहां रैलियों व चुनावी सभाओं में राजनीतिक दल व आम नागरिक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वे भी संकट को न्यौता दे रहे हैं। चुनाव वाले राज्यों में कोरोना की कोई सूचना या आंकड़े नही दिख रहे हैं ,चुनाव आयोग भी कोरोना से प्रभावित नही दिख रहा।

वैक्सीन आ जाने के बावजूद संक्रमण के बढ़ते मामलों से स्वास्थ्य तंत्र पर बोझ बढ़ा है। जनता को मास्क ,सामाजिक दूरी, सफाई का उपदेश देने वाले इसका पूरी तरह पालन करते नहीं दिखाई देते, जनता भी इस अपेक्षा पर खरी नहीं उतर पा रही है। लोगों के कोरोना गाइडलाइन का पालन न करने का दुष्परिणाम है कि संक्रमण की यह लहर घातक साबित हो रही है। सरकारों की ओर से जांच, संक्रमितों के संपर्कों का पता लगाने, इलाज, बचाव और टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। पर लोग ठीक से इसका पालन नहीं कर रहे हैं।

लोग सोचते हैं कि टीके लगवाने के बाद भी सारी सावधानियां तो वैसी ही रखनी, फिर क्यों टीका लगवाया जाए। जबकि हमें सोचना होगा कि इंसानियत एक वायरस से कठिन लड़ाई लड़ रही है और वैज्ञानिक समुदाय ने रिसर्च के जरिए इसका तोड़ निकाला है, तो इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

विज्ञान की तरक्की और इंसानियत की खुशहाली के लिए इस मामले में हमें औरों को प्रेरणा देने और उनके भ्रम को दूर करने लिए आगे आना चाहिए। सोचना चाहिए कि जब हम ही संक्रमण के बचाव की कोशिशों को पलीता लगाएंगे तो कोरोना को कैसे हराएंगे।