हल्द्वानी: मथुरा से आए विशेषज्ञों ने गौलापार से पकड़े सौ से ज्यादा बंदर
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग और मथुरा से आई विशेषों की संयुक्त टीम ने गौलापार में 100 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा। बंदरों को दानीबंगर के जंगलों के कोर एरिया में छोड़ा गया ताकि आबादी की ओर नहीं आ सके। गौलापार में बंदरों का जबरदस्त आतंक है। बंदर आए दिन खेतों-बगीचों में फसल को नुकसान …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग और मथुरा से आई विशेषों की संयुक्त टीम ने गौलापार में 100 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा। बंदरों को दानीबंगर के जंगलों के कोर एरिया में छोड़ा गया ताकि आबादी की ओर नहीं आ सके।
गौलापार में बंदरों का जबरदस्त आतंक है। बंदर आए दिन खेतों-बगीचों में फसल को नुकसान करते हैं। इससे तंग आकर ग्रामीणों ने वन विभाग से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की थी। इस पर वन विभाग ने मथुरा से बंदरों को पकड़ने वाली टीम को बुलाया था। इधर मथुरा से पहुंची पांच सदस्यीय टीम ने गुरुवार को गौलापार में बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया।
टीम ने जाल बिछाकर 100 से ज्यादा बंदरों को पकड़ा। बाद में वन विभाग की मदद से इन बंदरों को दानीबंगर जंगल के कोर एरिया में छोड़ा गया है। ताकि ये बंदर आबादी की ओर रुख नहीं करे और मानव वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम हो। आज भी मथुरा की टीम बंदरों को पकड़ेगी। वहीं बंदरों के पकड़े जाने से गौलापार के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
बंदरों को पकड़ने के लिए मथुरा से टीम आई थी। टीम ने सौ से ज्यादा बंदरों को पकड़ा है इन्हें दानीबंगर जंगल के कोर एरिया में छोड़ा गया है ताकि फिर से आबादी की ओर रुख नहीं करे और मानव वन्यजीव संघर्ष नहीं हो।-आरपी जोशी, रेंजर गौला, तराई पूर्वी वन डिविजन
