हल्द्वानी: पश्चिमी वन वृत्त में 53 दिनों में वनाग्नि की हुई 79 घटनाएं, 250 पौधे जलकर खाक
अमृत विचार, हल्द्वानी। जंगल की बेकाबू होती आग से अभी पश्चिमी वन वृत्त का 127.49 हेक्टेयर जंगल जला और 250 पौधे नष्ट हुए। गनीमत यह है कि अभी तक एक भी पेड़ इस आग की भेंट नहीं चढ़ा है हालांकि वनाग्नि से बेशकीमती जैव विविधता व वन संपदा भी जलकर नष्ट हुई है। वन विभाग …
अमृत विचार, हल्द्वानी। जंगल की बेकाबू होती आग से अभी पश्चिमी वन वृत्त का 127.49 हेक्टेयर जंगल जला और 250 पौधे नष्ट हुए। गनीमत यह है कि अभी तक एक भी पेड़ इस आग की भेंट नहीं चढ़ा है हालांकि वनाग्नि से बेशकीमती जैव विविधता व वन संपदा भी जलकर नष्ट हुई है।
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिलों में फैले पश्चिमी वन वृत्त के जंगलों में फायर सीजन के 53 दिनों में वनाग्नि की 79 घटनाएं हुई हैं। इनमें दो घटनाएं वन पंचायतों में हुई है। वनाग्नि में 127.04 हेक्टेयर आरक्षित वन और .45 हेक्टेयर वन पंचायतों का जंगल जलकर खाक हो गया। इन घटनाओं में प्लांटेशन में लगाए गए कुल 250 पौधे जलकर नष्ट हो गए। वन विभाग को इन से तकरीब 81,756 रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। वन विभाग ने आग को काबू करने के लिए प्रत्येक वन डिविजन मुख्यालय में एक-एक मास्टर कंट्रोल रूम बनाया है जबकि 541 फायर वॉचरों की नियुक्ति की है जो फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक काम करेंगे।
वन डिविजन का नाम क्रू स्टेशन की संख्या फायर वॉचरों की संख्या
तराई पूर्वी 56 140
हल्द्वानी 30 109
तराई केंद्रीय 40 82
रामनगर 33 130
तराई पश्चिमी 24 80
कोट
वन विभाग जंगलों की आग बुझाने के लिए तत्पर है। फायर वॉचर व वन कर्मी दिन-रात मुस्तैद हैं। आग की घटनाओं पर तुरंत रिस्पांस किया जा रहा है। वन कर्मचारियों को सुरक्षित रहते हुए फायर ड्रिल, काउंटर फायर करने के निर्देश दिए गए हैं।
- जीवन चंद्र जोशी, वन संरक्षक पश्चिमी वन वृत्त
