मुरादाबाद: रात दस बजते ही सड़क पर उतरी खाकी, बाजार में पसरा सन्नाटा
मुरादाबाद, अमृत विचार। बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण एक बार फिर जिंदगी की रफ्तार थमने लगी है। बढ़ रहे मामलों के कारण 16 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। शुक्रवार की रात दस बजे से ही इसका असर देखने को मिला। जिन सड़कों पर देर रात तक चहल-पहल रहती थी वहां पर नौ …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण एक बार फिर जिंदगी की रफ्तार थमने लगी है। बढ़ रहे मामलों के कारण 16 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है। शुक्रवार की रात दस बजे से ही इसका असर देखने को मिला। जिन सड़कों पर देर रात तक चहल-पहल रहती थी वहां पर नौ बजे के बाद से ही सन्नाटा पसरने लगा। रात दस बजे से सभी प्रमुख बाजार पूरी तरह से बंद हो गई तो वहीं पुलिस का पहरा नजर आने लगा।
प्रमुख चौराहों पर दस बजे से ही फोर्स तैनात हो गई। जो लोग सड़कों पर गुजरते मिले तो पहला दिन होने के कारण पुलिस ने नाम-पता नोट करने के बाद चेतावनी देकर उनको भेज दिया। इसके अलावा पुलिस ने प्रमुख चौराहों व मोहल्लों में घूम-घूमकर लाउड स्पीकर के जरिए लोगों से कोविड नियमों का पालन करने की अपील की। अमृत विचार की टीम ने जब शहर के प्रमुख चौराहों व बाजारों का दौरा किया तो नाइट कर्फ्यू का असर साफ तौर पर देखने को मिला।
पिछले साल की तरह अप्रैल में एक बार फिर माहौल कोरोना के खौफ में शुरू हो गया है। पंचायत चुनाव की सरगर्मियों के बीच अचानक कोरोना के कहर ने पुलिस-प्रशासनिक अफसरों को अपना प्लान बदलने के लिए मजबूर कर दिया। संक्रमण का ग्राफ रोकने के लिए कई दिन से पुलिस कर्मी रोजाना सड़कों व बाजारों में घूम-घूमकर लोगों से कोविड नियमों का पालन करने की अपील कर रहे थे। इसके बाद भी संक्रमण नहीं थमा तो शासनादेश के बाद जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने 16 अप्रैल तक रात दस बजे से सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी कर दिए। इसके बाद शुक्रवार को रात दस बजे से लोगों की जिंदगी ठिठक गई। जो जहां पर था वहीं पर रहने के लिए मजबूर हो गया।
पुलिस कर्मी करने लगे अपील, बंद हो गई बाजार
रात दस बजते ही नाइट कर्फ्यू का कड़ाई से पालन कराने के लिए खाकी सड़कों पर नजर आने लगी। हरथला, पीएसी, पीलीकोठी व फव्वारा समेत प्रमुख चौराहे पर फोर्स नजर आने लगी। पुलिस ने सभी आने जाने वालों से पूछताछ की। नाम-पते नोट करने के साथ ही नाइट कर्फ्यू लगने का हवाला देते हुए नियमों का पालन करने की अपील की। इसके अलावा तमाम मोहल्लों में पुलिस कर्मियों ने घूम-घूमकर लाउड स्पीकर के जरिए अपील करनी शुरू कर दी। इस दौरान कई स्थानों पर पुलिस कर्मियों की राहगीरों से नोकझोंक भी हुई। वहीं रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड में मौजूद यात्री भी ठिठक गए। नाइट कर्फ्यू लगने की जानकारी मिलने के बाद सभी सुबह का इंतजार करने लगा।
रात्रि कर्फ्यू के चलते रोडवेज की बसों पर लगी रोक
कोरोना महामारी के चलते बढ़ते मामलों के बीच लगे रात्रि कर्फ्यू के चलते रोडवेज की रात्रि सेवा पर ब्रेक लगा दिया गया है। केवल वहीं बसों को भेजा जा रहा है, जहां से शाम तक वापस लौट आएं। रोडवेज अफसरों का कहना है कि मुरादाबाद रीजन से रात्रि सेवा काफी कम है, जो है उन्हें फिलहाल नहीं भेजने का फैसला लिया गया है।
कोरोना का संक्रमण बढ़ने के चलते रोडवेज ने बस संचालन को संयमित करना शुरू कर दिया है। विभाग ने रात्रि सेवा को फिलहाल ऐसे हालात में न चलाने का फैसला लिया है। वहीं अधिक बसों का संचालन ऐसी जगहों को कराया जा रहा है, जहां से बसें सुबह रवाना होकर शाम तक वापस लौट आएं। ऐसे माहौल के चलते बसों को बरेली, शाहजहांपुर, हल्द्वानी, काशीपुर, रुद्रपुर, गाजियाबाद व दिल्ली तक चलवाई जा रहा है। आरएम अतुल जैन ने बताया कि कई शहरों में नाइट कर्फ्यू लगने की वजह से अब बसों को शहर की स्थिति के हिसाब से भेजा जा रहा है। रात्रि सेवा मुरादाबाद रीजन में काफी कम है। जो बसें रात में चलती हैं, उन्हें रात्रि कर्फ्यू लगते ही पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
