बरेली: ब्रहमस्‍वरूप समेत कई दिग्गज सपा में शामिल

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बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले बसपा और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। शनिवार को कांग्रेस के मंडल स्‍तर के कद्दावर नेता ब्रह्मस्‍वरूप सागर समेत बरेली महानगर शहर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चके पूर्व प्रत्‍याशी इंजीनियर अनीस अहमद, पीलीभीत जिले के पूरनपुर से बसपा विधायक रह चुके अरशद …

बरेली, अमृत विचार। विधानसभा चुनाव 2022 से पहले बसपा और कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। शनिवार को कांग्रेस के मंडल स्‍तर के कद्दावर नेता ब्रह्मस्‍वरूप सागर समेत बरेली महानगर शहर सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चके पूर्व प्रत्‍याशी इंजीनियर अनीस अहमद, पीलीभीत जिले के पूरनपुर से बसपा विधायक रह चुके अरशद खां, युवा नेता अली अब्‍बास जैदी समेत रुहेलखंड के कई कद्दावर नेता सपा में शामिल हो गए। प्रदेश कार्यालय में सपा के राष्‍ट्रीय अखिलेश यादव के समक्ष इन नेताओं ने सपा की प्राथमिक सदस्‍यता ली।

सपा में आने के बाद ब्रह्मस्‍वरूप सागर को फरीदपुर सुरक्ष‍ित सीट से विधानसभा का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। पिछले दिनों कांग्रेस से इस्‍तीफा देने और उससे पहले ही प्रयागराज में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद से ब्रह्मस्‍वरूप के सपा में जाने के कयास लगाए जा रहे थे। शनिवार को उस पर मुहर भी लग गई।

ब्रह्मस्‍वरूप सागर कांग्रेस से पहले लंबे समय तक सपा और बसपा के प्रमुख रणनीतिकार भी रहे हैं। 18 साल सपा में सक्रिय रहते हुए उन्होंने सपा के प्रवक्ता समेत कई महत्‍वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभाई है। 2007 में विधानसभा चुनाव से पहले वह जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से खींचतान के चलते बसपा में चले गए थे। बसपा में उनके पास महानगर अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल व जोनल कोऑर्डिनेटर तक की जिम्मेदारी रही। इसके बाद ब्रह्मस्वरूप सागर 2018 में कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

उन्होंने बसपा के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद़्दीकी के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस के टिकट पर 2019 में सागर ने शाहजहांपुर लोकसभा से चुनाव भी लड़ा। कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें प्रदेश महासचिव बनाया गया। ब्रह्मस्वरूप सागर ने बताया कि पार्टी में बढ़ती अनुशासनहीनता से परेशान होकर उन्होंने 23 फरवरी को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इधर, इंजीनियर अनीस ने बसपा से बरेली शहर सीट से चुनाव लड़ा था। अब वह भी सपा के हो गए हैं। इन दोनों कद्दावर नेताओं के सपा ज्‍वाइन करने से कांग्रेस और बसपा को करारा झटका लगा है।

अखिलेश समेत तमाम नेताओं से हैं करीबी संबंध
पूर्व में लंबे समय तक सपा में रहे ब्रह्मस्वरूप सागर के सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत तमाम नेताओं से करीबी संबंध हैं। उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद सपा में अटकलों का दौर तेज हो गया है। इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि सपा आने वाले वक्त में उन्हें किसी विधानसभा से मैदान में उतार सकती है।

ये नेता सपा में हुए शामिल
बसपा पूर्व महानगर अध्यक्ष मोहम्मद खालिद, जिला पंचायत सदस्य अर्जुन सिंह, फरीदपुर के पूर्व मंडल अध्यक्ष अनिल ठाकुर, पूर्व महानगर मंत्री जितेंद्र पाल सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष मुस्लिम समाज लल्ला खां, पूर्व मंडल अध्यक्ष ब्राह्मण समाज विपिन शर्मा, फरीदपुर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष खुमान मौर्य, पूर्व विधायक सोमपाल दिवाकर, पूर्व मंडल अध्यक्ष बामसेफ एम चंद्रा, पूर्व विधानसभा प्रभारी कैंट हरी सिंह वर्धान, कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव अली अब्बास, शाहजहांपुर से जिलाध्यक्ष/पूर्व मंडल कोऑडिर्नेटर दिनेश गौतम, पूर्व मंडल अध्यक्ष विपिन तिवारी, कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष तकवीम हसन खान, अमित प्रियदर्शी, अरीब सईद खां और पीलीभीत से कांग्रेस के जिला महासचिव कल्याण सिंह शामिल हुए।

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