जंग जीतने को

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Edited By Amrit Vichar
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देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं और विश्व में नए संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत पहले स्थान पहुंच गया है। संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 33वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच 24 घंटों के दौरान अब तक सबसे ज्यादा एक लाख 60 हजार से अधिक कोरोना …

देश में कोरोना संक्रमण के मामले फिर तेजी से बढ़ रहे हैं और विश्व में नए संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत पहले स्थान पहुंच गया है। संक्रमण के दैनिक मामलों में लगातार 33वें दिन हुई बढ़ोतरी के बीच 24 घंटों के दौरान अब तक सबसे ज्यादा एक लाख 60 हजार से अधिक कोरोना संक्रमित मिले। कोरोना के नए मामलों के साथ-साथ मृतकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

इस दौरान महाराष्ट्र में सबसे अधिक 349 मौतें हुई है, उसके बाद छत्तीसगढ़ में 122, उत्तर प्रदेश में 67 तथा पंजाब में 59 लोगों की मौत हुई है। इस बीच देश में कुल 904 लोगों की मौत हुई है। कोरोना से सहमें बाजार में 3.25 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इससे देश में फिर से पाबंदियां लगाए जाने को आशंका जताई जा रही है। लोग थोड़े लापरवाह हुए और नतीजा निकला कि संक्रमण की रफ्तार बढ़ गई।

पिछले एक हफ्ते में सर्वोच्च न्यायालय के 44 कर्मचारी संक्रमित मिले हैं। विभिन्न राज्यों के ऐसे जिलों में रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया है जहां संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र के कुछ नगरों में लॉकडाउन लगा हुआ है। महाराष्ट्र में आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग से मध्यप्रदेश होते हुए उत्तरप्रदेश, बिहार एवं राजस्थान के लिये मजदूरों का पलायन आरंभ हो गया है।

कई राज्यों के मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि लोग सावधानी नहीं बरतते हैं तो हमें कठोर उपाय करने होंगे। लोग सहयोग करें तो कोरोना वायरस की दूसरी लहर को हराया जा सकता है। इसलिए इसके प्रति लापरवाह नहीं हुआ जा सकता है। आगे जब लोग एहतियात बरतेंगे, संक्रमण पर नियंत्रण रहेगा, स्थिति बेकाबू नहीं होगी, तभी सरकार पूर्ण लॉकडाउन के बारे में नहीं सोचेगी। देश अब पूर्ण लॉकडाउन की तरफ नहीं बढ़ना चाहिए।

पिछले लॉकडाउन के दौरान मजदूरों के पलायन की त्रासदी सामने आई, उद्योग-धंधे ठप हुए, इससे अर्थव्यवस्था बेपटरी हुई। अब इस साल देश को फिर ऐसी स्थिति में नहीं धकेला जाना चाहिए। हालांकि देश को कोरोना से लड़ते हुए एक वर्ष हो गया है, देश के पास अनुभव भी है, एहतियात के उपाय भी है, इलाज भी है, शानदार रिकवरी रेट भी है और सबसे बड़ी बात कि टीका भी है। लोगों में टीकाकरण को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

इतना ही देश ने अस्पतालों में संसाधन भी मजबूत किया है। गत वर्ष ऐसी बात नहीं थी, कोरोना देश के लिए नया वायरस था, इसलिए पूर्ण लॉकडाउन जैसे कदम उठाया गया। आज जरूरत इस बात की है कि केंद्र-राज्य, स्थानीय प्रशासन नागरिकों के सात मिलकर काम करें, तभी महामारी से यह जंग जीती जा सकती है।