हल्द्वानी: 11 साल की गार्गी ने जुजुत्सु खेल में विश्व में पाया नौवां स्थान
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी सिंधि चौराहा निवासी गार्गी शर्मा ने महज 11 साल में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखते हुए शहर का नाम रोशन किया है। गार्गी ने हाल में आयोजित ई-डुओ विश्व जुजुत्सु खेल में विश्व में 9वां स्थान हासिल किया है। गार्गी होली एंजलस कॉनवेंट स्कूल की छठी की छात्रा है। गार्गी ने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी सिंधि चौराहा निवासी गार्गी शर्मा ने महज 11 साल में अपनी प्रतिभा का दमखम दिखते हुए शहर का नाम रोशन किया है। गार्गी ने हाल में आयोजित ई-डुओ विश्व जुजुत्सु खेल में विश्व में 9वां स्थान हासिल किया है। गार्गी होली एंजलस कॉनवेंट स्कूल की छठी की छात्रा है।
गार्गी ने सात साल की उम्र से खेलना शुरू कर दिया था। गार्गी ने अपनी प्रतिभा को केवल स्कूल तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दमखम दिखाया है। हाल में हुए ई-डुओ विश्व जुजुत्सु में 9वां स्थान मिला है। यहीं नहीं गार्गी के छोटे भाई अर्नव शर्मा ने भी इस प्रतिगिता में प्रतिभाग किया और विश्व में पांचवां स्थान हासिल किया है। गार्गी अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता अनुराग शर्मा, माता सुच्चि शर्मा, कोच नव्या पांडे को देती है।
गार्गी कहती है कि लॉकडान की वजह से उन्हें अभ्यास करने में काफी दिक्कत हुई, लेकिन उसने हिम्मत नहीं हारी। कोच नव्या पांडे का कहना है, गार्गी ने ऑनलाइन क्लास के साथ अपना अभ्यास जारी रखा, जिसकी वजह से उन्हें यह सफलता हासिल हुई है। उन्होंने बताया कि पहली बार उनके खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग किया है। बताया कि गार्गी के अलावा रिद्धिमा, अविग्नह नेगी, अर्नव शर्मा ने भी इस प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर विश्व में 9वां व पांचवां स्थान हासिल किया है। बताया कि जल्द ही एक और ई-डुओ विश्व जुजुत्सु प्रतियोगिता का आयोजन होने वाला है, जिसके बाद चयनित बच्चों को बाहर खलने का मौका मिलेगा।
इनमें कर चुकी है प्रतिभाग
वर्ष प्रतियोगिता पदक
2017 कराटे डू प्रतियोगिता दो स्वर्ण
2018 राज्य कराटे प्रतियोगिता रजत
अंतर जिला कराटे डू प्रतियोगिता स्वर्ण
2019 उत्तराखंड राज्य प्रतियोगिता दो स्वर्ण
राष्ट्रीय प्रतियोगिता स्वर्ण, कांस्य
2020 विश्व ई-डुओ जुजुत्सु प्रतियोगिता 9वां स्थान
ऐसे किया जाता है चयन
कोरोनाकाल के चलते इस प्रतियोगिता का आयोजन ऑनलाइन किया गया। इसमें खिलाड़ी को खेलते हुए अपनी वीडियो बनानी होती है और उसके बाद अपने ऑर्गेनाइजर को भेजनी होती है, जिसके बाद चयनकर्ता खिलाड़ियों की प्रतिभा के आधार पर चयन करके उन्हें स्थान देते हैं।
