हल्द्वानी: सामाजिक कार्यकर्ता ने डीजीपी को पत्र भेज कर कहा-सालों से जमे पुलिस कर्मियों का करो ट्रांसफर
हल्द्वानी, अमृत विचार। नशा समेत तमाम तरह के अपराध की बढ़ती घटनाओं से निजात पाने के लिए जनता पुलिस से लगातार गुहार लगा रही है। लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में कुर्सियों पर कई सालों से जमे हुए पुलिस कर्मियों का स्थानांतरण किया जाए। इससे अपराध की घटनाओं को रोकने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नशा समेत तमाम तरह के अपराध की बढ़ती घटनाओं से निजात पाने के लिए जनता पुलिस से लगातार गुहार लगा रही है। लेकिन इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। ऐसे में कुर्सियों पर कई सालों से जमे हुए पुलिस कर्मियों का स्थानांतरण किया जाए। इससे अपराध की घटनाओं को रोकने में मदद मिलेगी।
पुलिस महानिदेशक को लिखे पत्र में सामाजिक कार्यकर्ता बबली वर्मा ने यह मांग उठाई है। बबली ने लिखा है कि जिले में स्मैक, चरस आदि नशीले पदार्थों का सेवन स्कूल, कॉलेज के छात्रों व अन्य युवा वर्ग में तेजी से फैल रहा है। नशे के संबंध में शिकायतें चौकी-थानों तक ही सिमट कर रह जा रही हैं।
जबकि सीओ, एसपी, एसएसपी, डीआइजी, डीजीपी तक सही सूचनाएं नहीं पहुंच पा रही हैं। उनका कहना है कि जिले की विभिन्न दुकानों पर नशे की सामाग्री बेची जा रही है। छोटी-छोटी दुकानों व लोगों के घरों में स्मैक, चरस आदि की बिक्री हो रही है। पुलिस नशा करने वालों और छोटे स्तर पर बेचने वालों को (पेडलर) ही पकड़ रही हैं। बड़े सप्लायर पुलिस की पकड़ से दूर हैं। इसके अतिरिक्त सट्टे का कारोबार भी खूब फूल-फल रहा है। इसमें लोग अपनी जमा-पूंजी लुटा रहे हैं। सट्टेबाजी के गोरखधंधे के तार भी नशा कारोबार से जुड़े हैं। आपराधिक घटनाओं का ग्राफ बढ़ रहा है।
10-12 सालों से थाना-चौकियों में जमे हैं पुलिस कर्मी
डीजीपी को लिखे पत्र में कहा गया है कि जिले के विभिन्न थानों और चौकियों में अलग-अलग स्तर के पुलिस कर्मी 10 से 12 वर्षों से जमे हुए हैं। मुख्य रूप से हल्द्वानी, काठगोदाम, मुखानी, बनभूलपुरा, लालकुआं, लामाचौड़, ट्रांसपोर्टनगर आदि जगहों पर तैनात प्रभारियों और कर्मियों का स्थानांतरण करने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त कई सिपाही, जनसूचना अधिकारी बार-बार इसी क्षेत्र में नियुक्ति पा रहे हैं। इससे शिकायतों का निवारण व जांचें मनमाफिक चल रही हैं।
