हल्द्वानी: बच्चों के लिए घातक है कोविड19 की दूसरी लहर
प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। कोविड19 की दूसरी लहर तेजी से अपने घातर स्वरुप के साथ चरम पर है। लगातार लोग इसकी चपेट में आकर संक्रमित हो रहे है। महामारी के इस लहर का शिकार 12 से 18 वर्ष तक के बच्चे भी संक्रमित हो रहे है। जबकि पिछली बार शुरु हुए कोरोना महामारी में बच्चें संक्रमित …
प्रशांत पांडेय, हल्द्वानी। कोविड19 की दूसरी लहर तेजी से अपने घातर स्वरुप के साथ चरम पर है। लगातार लोग इसकी चपेट में आकर संक्रमित हो रहे है। महामारी के इस लहर का शिकार 12 से 18 वर्ष तक के बच्चे भी संक्रमित हो रहे है। जबकि पिछली बार शुरु हुए कोरोना महामारी में बच्चें संक्रमित नही हो रहे थे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक सिर्फ गुरुवार के दिन 17 बच्चों में कोविड19 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि औसतन रोजाना इस आयु के बच्चों में 12 से 15 बच्चों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। बच्चों में संक्रमण की दर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई है और लोगों को शासन द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन करने के लिए लोगों को जागरुक किया जा रहा है।
पहले से ज्यादा घातक कोरोना का यह रुप
इस बार की दूसरी कोराना की लहर में पूर्व में शुरु हुए महामारी से ज्यादा खतरनाक है। इसकी संक्रमण की दर में तेजी देखी जा रही है। जिले में अभी तक 296 लोगों में कोविड19 की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस महामारी के स्वरुप के बारे में उच्च स्तर पर रिसर्च की जा रही है। लेकिन संक्रमण की दर को देखते हुए यह स्पष्ट है कि यह पूर्व में शुरु हुए कोविड19 से ज्यादा घातक है।
दिनचर्या में परिवर्तन और बरतें सावधानियां
बच्चों व बुजुर्गों में इस बीमारी के संक्रमण को रोकने के लिए घर से कम से कम बाहर निकलें और बच्चों को भी ग्रुप ने न भेजें। बाहर से आने पर हाथ, पैर व मुंह को साबुन से अच्छी तरह धोएं और बाहर जाने पर चेहरे पर मास्क लगाए रहें, हाथ को समय – समय पर सैनेटाइज करते रहें।
बच्चों में खांसी, जुकाम, व वायरल बुखार जैसे लक्षण पाए जाने पर कोरोना जांच कराने की सलाह दी जा रही है। पॉजिटिव आने पर होम आइसोलेशन के दौरान अस्पताल द्वारा दवाओं की किट उपलब्ध कराई जा रही है। बच्चों का संक्रमण की चपेट में आना निश्चित रुप से चिंता जनक है। डॉ. नीरज त्रिपाठी, बाल रोग विशेषज्ञ, बेस अस्पताल
