यूपी में बेबस सरकार, परेशान सिस्टम, आप बीमार हुए तो भगवान के सिवा बचाने वाला कोई नही…

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रविशंकर गुप्ता, लखनऊ। कोरोना संक्रमण काल में रोजाना यूपी में 27 हजार के करीब कोरोना पॉजीटिव केस मिलने शुरू हुए हैं, और मौत का आकड़ा प्रतिदिन 100 से लेकर 120 तक पहुंच चुका है, ऐसे में अगर आप यहां बीमार हुए तो आपको भगवान के सिवा अब कोई बचाने वाला नहीं है। कोरोना संक्रमण के …

रविशंकर गुप्ता, लखनऊ। कोरोना संक्रमण काल में रोजाना यूपी में 27 हजार के करीब कोरोना पॉजीटिव केस मिलने शुरू हुए हैं, और मौत का आकड़ा प्रतिदिन 100 से लेकर 120 तक पहुंच चुका है, ऐसे में अगर आप यहां बीमार हुए तो आपको भगवान के सिवा अब कोई बचाने वाला नहीं है। कोरोना संक्रमण के बढ़ते आकड़ों के आगे सरकार जहां बेबस है, वहीं सिस्टम परेशान है, हालात ये हैं, कि अस्पतालो में जरूरतमंदों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है, जो निजी अस्पतालो में इलाज मिल भी जा रहा है, उनके रेट इतने हाई है कि आम आदमी का इलाज करने से पहले ही दम निकल जाये। दूसरी ओर जैसे-जैसे संक्रमण का दायरा बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे अब डॉक्टर भी भयभीत होने होने लगे हैं, लखनऊ में सभी सरकारी अस्पतालो से लेकर निजी अस्पतालों तक डॉक्टर व अन्य स्टाफ करीब 400 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।

सबसे ज्यादा दिक्कत इस बात की भी हो गयी है लखनऊ के केजीएमयू, पीजीआई सबसे टॉप मेडिकल संस्थान माने जाते हैं, इनकी ओर पूरे प्रदेश की निगाहें रहती हैं, यहां मेडिकल पाठ पढ़ाने वाले यहां के डॉक्टर और नर्स स्टाफ भी संक्रमित हो चुके हैं। हालात ये हैं कि पीजीआई में सिर्फ ऑनलाइन ओपीडी का संचालन किया जा रहा है, मेडिकल कॉलेज में वह भी सुविधा नहीं मिल पा रही है।

वहीं गरीबों का एम्स कहे जाने वाले राजधानी के बलरामपुर अस्पताल और सिविल अस्पताल में मरीजों को इलाज न हीं मिल पा रहा है, जिन गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है उनसे अस्पताल के अधिकारी आक्सीजन पास से लाने की बात कर रहे हैं। हालात ये हैं कि निजी हो या सरकारी अस्पताल में मरीज और डॉक्टरों के बीच कहासुनी तक हो जा रही है।

अलग-अलग अस्पतालो में संक्रमण की चपेट में डॉक्टर व स्टाफ
कोरोना संकट के दौर में जिन अस्पतालो व मेडिकल संस्थानों में लोग कोरोना पॉजीटिव हुए उसमें केजीएमयू 200 के करीब, पीजीआई में 120 के करीब, डफरिन 70 डॉक्टर व स्टाफ, बलरामपुर अस्पताल में 28, सिविल अस्पताल 16 लोग कोरोना पॉजीटिव हुए। वहीं लोकबंधु अस्पताल 11 और लोहिया संस्थान 6 लोग संक्रमित हो चुके है। हालांकि इसमें कई डॉक्टर और स्टाफ ठीक भी हुए हैं, लेकिन इलाज के दौरान अब डॉक्टरों में भी डर उत्पन्न हो गया है।

आक्सीजन की कमी से दम तोड़ रहे मरीज
सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर ही नाम न छापे जाने की शर्त पर बताते हैं कि सरकार कुछ भी कह रही हो लेकिन हकीकत ये है, अस्पतालो में आक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनियां समय से अक्सीजन की पूर्ति नहीं पा रही हैं। डॉक्टर बताते हैं सामने तड़पते हुए मरीज को देखा नहीं जाता है, लेकिन आक्सीजन की पर्याप्त मात्रा न होने के कारण वह भी बेबस हैं। अभी लोहिया संस्थान में आक्सीजन की कमी से आधा दर्जन मरीजों की मौत हो गयी, लेकिन डॉक्टर बेबस दिखे। डॉक्टर कहते हैं हमारे हाथ में जितना है उतना खुद को बचाते हुए इलाज कर रहे हैं।

अस्पतालो के गेट पर तड़प रहे मरीज
वहीं श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बलारामपुर अस्पताल, लोकबंधु अस्पताल में हालात ये है कि मरीजों की भर्ती नहीं हो पा रही है, मरीज अस्पताल परिसर में ही रहकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, साथ में उनके परिजन भी अब परेशान हो रहे हैं।

सभी अस्पतालो में फुल चल रहे बेड
लखनऊ के सभी अस्पतालों की आईसीएयू फुल हो गई हैं। गंभीर मरीजों के लिए सभी अस्पतालों को मिलाकर सिर्फ 851 बेड हैं। इसमें आईसीयू व वेंटिलेटर की संख्या 282 है और हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) 569 हैं। मरीजों की संख्या इससे दोगुनी है। दो दिन से विभिन्न अस्पतालों में भर्ती मरीज आईसीयू में बेड खाली होने का इंतजार कर रहे हैं। किसी को 10 तो किसी को 15 घंटे बाद भी आईसीयू में जगह नहीं मिल पा रही है। इसके चलते मौत का ग्राफ भी लगातार बढ़ रहा है।

सांसद विधायक को भी नहीं बर्दाश्त हो रही स्थिति
यूपी में चिकित्सा व्यवस्था पर सरकार के मंत्री व विधाक, सांसद ही सवाल उठाना शुरू कर दिया है। सबसे पहले सांसद कौशल किशोर ने कहा सरकारी अस्पतालो में इलाज नहीं मिल पा रहा न ही एंबुलेंस मिल पा रही है। वहीं विधायक व कानून मंत्री बृजेश पाठक ने भी सरकार को व्यवस्था के बारे में अवगत कराया है।

सभी हेल्पलाइन नंबर फेल
वहीं मरीजों के लिए अस्पतालो की ओर से जारी डॉक्टरों के नंबर और हेल्पलाइन सेवाएं ध्वस्त हैं, इस बात की सांसद कौशल किशोर ने रविवार को अपनी फेसबुक पर लिखकर पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिन डॉक्टरों और अस्पतालों के नंबर जारी किए गये हैं वह उठ नहीं रहें या फिर बंद जा रहे हैं, ऐसी स्थिति में लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की हेल्पलाइन
स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 मरीजों के लिए कंट्रोल रूम के दो नंबर जारी किए हैं। इसमें पहला नंबर 18001805145 दूसरा नंबर 18001805146 है। मरीज या उसके तीमारदार कॉल करके कोविड-19 के मरीज समस्याओं सम्बंधित परामर्श ले सकते हैं

प्रदेश में कोरोना की स्थिति

  • रविवार को नये केस बढ़े 30 हजार 596
  • मरने वालों संख्या हुई 129
  • प्रदेश में एक्टिव केस 1 लाख 91 हजार 457
  • 24 घंटे में मरीजों की सैंपलिंग 2 लाख 36,492

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