स्वास्थ्य ढांचे में परिवर्तन

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Edited By Amrit Vichar
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देश एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है। कोरोना संक्रमित रोजाना ढाई लख मरीज बढ़ रहे हैं। आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सक्रिय मामले सबसे अधिक 17,066 आने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 2,08,523 हो गई हैं। राज्य में इस महामारी से …

देश एक अभूतपूर्व स्वास्थ्य संकट से गुजर रहा है। कोरोना संक्रमित रोजाना ढाई लख मरीज बढ़ रहे हैं। आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान सक्रिय मामले सबसे अधिक 17,066 आने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 2,08,523 हो गई हैं। राज्य में इस महामारी से अब तक 9,997 लोगों की मौत हो चुकी है।

बिगड़े हालातों में सरकारों की जिम्मेदारियां बहुत बढ़ गई हैं। एक तरफ जमाखोर और कालाबाजारी करने वाली सक्रिय हो गए हैं तो दूसरी तरफ मरीजों के लिए पर्याप्त वेंटिलेटर, ऑक्सीजन और जीवन रक्षक रेमडेसिविर की आपूर्ति का अभाव चिंता बढ़ा रहा है। कई जगहों से रेमडेसिविर ब्लैक में कई गुना ज्यादा कीमत पर बेचे जाने की खबरें मिल रही हैं। महामारी में अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली चुनौतियों का सामना करने में सक्षम नहीं है तो इसका अर्थ है कि समुचित विकास नहीं हुआ।

कोरोना संकट की दूसरी मारक लहर के बीच मरीजों की लाचारगी, अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन तथा चिकित्साकर्मियों की कमी बताती है कि हम आपदा की आहट को महसूस नहीं कर पाए। निस्संदेह पहली लहर के बाद हमने पर्याप्त तैयारी कर ली होती तो मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने के लिए दर-दर न भटकना पड़ता। दिल्ली उच्च न्यायालय का कहना है कि उद्योग ऑक्सीजन के लिए इंतजार कर सकते हैं, कोविड-19 के मरीज नहीं। मानव जीवन खतरे में है।

दिल्ली के गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों को मजबूरी में कोविड-19 के मरीजों को दिया जाने वाला ऑक्सीजन कम करना पड़ रहा है, क्योंकि वहां जीवन रक्षक गैस की कमी है। मध्य प्रदेश के शहडोल स्थित मेडिकल कालेज के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से आईसीयू में भर्ती कई लोगों की मौत की खबरें आई हैं।

हालांकि, केंद्र सरकार ने देशव्यापी ऑक्सीजन संकट के बाद कुछ कदम उठाए हैं लेकिन कहना कठिन है कि इनका लाभ मरीजों को कब तक मिल पायेगा। पूरे देश में 162 ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मंजूरी दी गई है। इस कार्य में टाटा स्टील समेत कई उद्योगों ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति की घोषणा की है।

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसी समस्या के मद्देनजर राज्य में दस नए ऑक्सिजन प्लांट लगवाने का आदेश दिया है। ऐसे में युद्धस्तर पर नए प्लांटों को स्थापित करने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को विशेष भूमिका निभानी होगी। कोरोना मरीजों के लिये उपयोगी इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने तथा इसकी कीमत घटाकर उत्पादन दुगना करने का सरकार का प्रयास सराहनीय कदम हैं। साथ ही देश के स्वास्थ्य ढांचे में भी आमूलचूल परिवर्तन करने की जरूरत है।