भरोसा टीकाकरण का

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोरोना से बचाव में नियमों की सख्ती के साथ टीकाकरण की भी अहम भूमिका है। देश में अब तक लगाए गए कोविड-19 के करीब 13 करोड़ टीकों में से 90 प्रतिशत टीके ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के लगाए गए हैं। देश में दिया जा रहा दूसरा टीका हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक का स्वदेशी टीका कोवैक्सीन है। …

कोरोना से बचाव में नियमों की सख्ती के साथ टीकाकरण की भी अहम भूमिका है। देश में अब तक लगाए गए कोविड-19 के करीब 13 करोड़ टीकों में से 90 प्रतिशत टीके ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के लगाए गए हैं। देश में दिया जा रहा दूसरा टीका हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक का स्वदेशी टीका कोवैक्सीन है।

कुछ महीने पहले माना जा रहा था कि कोरोना खत्म हो चुका है। मगर यह आबादी के बीच में छिपा हुआ था और इसने तब हमला किया जब हम कम चौकन्ने थे। इसके लिए कुछ हद तक महामारी से थक चुके लोगों को भी जिम्मेदार माना जा सकता है, जो जीवन यापन के लिए मजदूरी पर निर्भर हैं और जिनके लिए लंबे समय तक संकट के खत्म होने का इंतजार करना कोई विकल्प नहीं है।

हालांकि, मुख्य कारण प्रतिरोधक क्षमता का कम होना और बेहद संक्रामक प्रकारों का सामने आना है। दरअसल फ्लू और एचआईवी जैसे वायरसों की तुलना में इस वायरस का पकड़ में आना और अनुमान लगाना ज्यादा मुश्किल है। इसलिए पूरी आबादी को टीकाकरण में शामिल करने के लक्ष्य को देखते हुए हमें रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ने की जरूरत है।

सरकार ने जोर-शोर से टीकाकरण की शुरुआत की थी, लेकिन जल्द ही इसकी खामियां नजर आने लगी हैं। 16 जनवरी से शुरू हुए पहले टीकाकरण अभियान में हेल्थ वर्कर्स एवं अग्रिम मोर्चे के जांबाजों को वैक्सीन दी गई थी, वहीं 1 मार्च से शुरू हुए दूसरे चरण में 45 साल से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण किया गया था। देश में अब तक टीकाकरण कार्यक्रम भारत बायोटेक तथा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा निर्मित दो वैक्सीनों के जरिये चलाया जा रहा था। वहीं 1 मई से  हाल ही में आपातकालीन उपयोग के लिये रूस में निर्मित स्पुतनिक वैक्सीन को भी अनुमति दी गई है।

सरकार के निर्णय के अनुसार वैक्सीन निर्माता कंपनियां अब अपने कुल उत्पादन का आधा केंद्र सरकार को उपलब्ध कराएंगी तथा शेष वैक्सीन राज्य सरकारों को व खुले बाजार में आपूर्ति कर सकेंगी। सरकार खुले बाजार में बेची जाने वाली वैक्सीन की कीमत की घोषणा करेगी, ताकि लोगों से मनमाने दाम न वसूले जा सकें। महामारी काल में हमें इस मुद्दे पर राजनीति से इतर एकसाथ खड़े होना चाहिए ।

लोगों की जिंदगी बचाने के लिए हम जो कर सकते हैं, वह करना चाहिए तभी टीकाकरण प्रयासों में आ रही बाधाओं से पार पाया जा सकता है। साथ ही वैक्सीन के भंडारण एवं परिवहन की व्यवस्था को आसान बनाना होगा। वैक्सीन के उत्पादन, खरीद और टीका लगाने की नई संभावित रणनीति पर कड़ी निगरानी व्यवस्था के तहत अमल कराना होगा।