कोरोना के खौफ से बरेली कॉलेज और विश्वविद्यालय में पसरा सन्नाटा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना का कहर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। शासन से निर्देश हैं कि शिक्षण संस्थानों में 50 फीसदी कर्मचारियों को रोटेशन में बुलाएं और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएं लेकिन अधिक संख्या में शिक्षकों व कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा है। हमेशा गुलजार …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना का कहर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। शासन से निर्देश हैं कि शिक्षण संस्थानों में 50 फीसदी कर्मचारियों को रोटेशन में बुलाएं और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जाएं लेकिन अधिक संख्या में शिक्षकों व कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने की वजह से शिक्षण संस्थानों में सन्नाटा पसरा है। हमेशा गुलजार रहने वाले विश्वविद्यालय, बरेली कॉलेज व अन्य महाविद्यालयों में सन्नाटा है। इक्का-दुक्का कर्मचारी या शिक्षक नजर आते हैं।

शासन के निर्देश पर 15 अप्रैल के बाद से विश्वविद्यालय व सभी महाविद्यालयों में भौतिक कक्षाओं पर रोक है। सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही संचालित करने के निर्देश हैं। शिक्षकों को बुलाने का निर्णय प्राचार्य पर छोड़ा गया है लेकिन अधिकांश शिक्षक घर से ही ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे हैं। कर्मचारी सिर्फ 50 फीसदी बुलाने हैं, लेकिन इन्हें भी रोटेशन में।

विश्वविद्यालय के कई शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवार संक्रमित हो चुके हैं जो नहीं हैं तो वह बुखार से पीड़ित हैं और डर के चलते नहीं आ रहे हैं। सिर्फ गेट पर सुरक्षाकर्मी ही नजर आ रहे हैं। प्रशासनिक भवन में एक दो कक्ष में एक दो कर्मचारी नजर आ जा रहे हैं। इसी तरह से बरेली कॉलेज में भी शिक्षक नहीं आ रहे हैं। सिर्फ गेट पर कर्मचारी बैठ रहे हैं।

विश्वविद्यालय में पसरा सन्नाटा

सिंगल विंडो पर पहुंच रहे छात्र
विश्वविद्यालय में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सिंगल विंडो खुल रही है। सिंगल विंडो पर रोजाना 10 से 12 छात्र माइग्रेशन या प्रोवेजन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए पहुंच रहे हैं। छात्रों की जरूरत की वजह से ही लगातार सिंगल विंडो खुल रही है। सोमवार को सिंगल विंडो प्रभारी मनोज कुमार पांडेय व बीएन मौर्या ड्यूटी पर मौजूद थे। हालांकि यह लोग भी कोरोना की वजह से डरे हैं। परीक्षा नियंत्रक के कक्ष में एक कर्मचारी दिखे लेकिन वह भी टेंशन में थे। जिससे पूछो बस यही कहता है कि सभी कर्मचारी संक्रमित हो गए हैं।

50 फीसदी भी ऑनलाइन नहीं हो रहे शामिल
विश्वविद्यालय ने ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए हैं। ऑनलाइन कक्षाओं का रिकार्ड भी रखना है लेकिन छात्र ही ऑनलाइन नही जुड़ रहे हैं। कभी छात्र कहते हैं कि उनके परिवार में कोई संक्रमित है तो कभी कहते हैं कि बुखार आ रहा है। आनलाइन सिर्फ 50 फीसदी ही उपस्थित हो रही है। स्नातक व परास्नातक के छात्र तो इससे भी कम जुड़ रहे हैं, क्योंकि उनका पाठ्यक्रम पूरा हो चुका है। सिर्फ सेमेस्टर पाठ्यक्रमों के छात्र ही ऑनलाइन जुड़ रहे हैं।

रिटायर्ड शिक्षक व कर्मचारी की मौत
बरेली कॉलेज के प्राचार्य अनुराग मोहन ने बताया कि कोरोना की वजह से कम ही लोग आ रहे हैं। रविवार रात में बरेली कॉलेज के रिटायर्ड राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष लक्ष्मीचंद अग्रवाल की मौत हो गई। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। इसी तरह से रिटायर्ड कर्मचारी विक्रम सिंह यादव की भी बीमारी से मौत हो गई। दोनों की मौत पर सोमवार को शोक सभा की गई।

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