बरेली: व्यापारियों का बंद बेअसर, बाजारों में उमड़ी भीड़
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए संयुक्त व्यापार मंडल ने 30 अप्रैल तक बाजार बंदी की घोषणा तो की लेकिन व्यापारियों ने बंदी को नहीं माना। दो दिन के वीकेंड लाकडाउन के बाद शहर के सभी प्रमुख बाजारों में दुकानें खुलीं तो ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालात इतने खराब हो …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए संयुक्त व्यापार मंडल ने 30 अप्रैल तक बाजार बंदी की घोषणा तो की लेकिन व्यापारियों ने बंदी को नहीं माना। दो दिन के वीकेंड लाकडाउन के बाद शहर के सभी प्रमुख बाजारों में दुकानें खुलीं तो ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालात इतने खराब हो गए कि श्यामगंज, कुतुबखाना में जाम तक लग गया। श्यामगंज, कुतुबखाना समेत कई प्रमुख बाजारों में कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाई गईं। ग्राहक और दुकानदारों ने मास्क और सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं किया।

रविवार को व्यापार मंडल ने फैसला लिया था कि कोरोना संक्रमण के चलते शहर के सभी प्रमुख बाजारों को बंद किया जाएगा। 26 से 30 अप्रैल तक व्यापारी दुकानें बंद रखेंगे और शनिवार व रविवार को वीकेंड लाकडाउन रहेगा। व्यापार मंडल के इस फैसले का व्यापारियों पर कोई असर नहीं दिखा। इससे पहले भी जब दो दिन की बंदी का ऐलान किया गया था, तब भी दुकानें खुलीं थीं। मिशन मार्केट में कपड़ों की सभी दुकानें खुली थीं। सिविल लाइंस में कपड़ों, जूतों के अलावा अन्य सभी दुकानें खुली थीं।

इसी तरह से कुतुबखाना में भी सभी दुकानों पर भीड़ थी। श्यामगंज किराना बाजार में भी पहले जैसे ही हालात थे। इसके अलावा शहर के सभी सड़कों पर लगने वाली बाजार व दुकानें खुली हुई थीं। सामान बेचने के चक्कर में दुकानदार कोरोना के डर को ही भूल जा रहे थे। कुछ कारोबारियों का कहना था कि एसोसिएशन ने फैसला आनन-फानन में लिया।
वर्तमान के हालातों को देखते हुए लाकडाउन के बाद दो दिन का समय मिलना चाहिए था। बंद का एलान करने से पहले कोई बैठक तक नहीं की गई। इधर, एसोसिएशन के मुताबिक उन्होंने कोरोना संक्रमण के बढ़ते दायरे को देखते हुए यह फैसला लिया था। हालांकि सोमवार को यह एलान बेअसर दिखा। बाजार में आधे से ज्यादा दुकानें खुली नजर आईं।
सराफा बाजार में रहा सन्नाटा, बाकी जगह भीड़
बाजार बंदी का असर सोमवार को सराफा बाजार में देखने को मिला। आलमगिरीगंज और कुतुबखाना में ज्यादातर सराफ की दुकानें बंद रही। कुछ दुकानें खुलीं तो व्यापारियों ने बाजार बंदी को लेकर लिए गए फैसले की जानकारी नहीं होना बताया। हालांकि सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है व्यापार मंडल के ऐलान से पहले ही सराफा कुछ दिनों तक स्वैच्छिक बंदी का निर्णय ले चुके हैं। इसलिए 80 से 90 फीसदी दुकानें पिछले कई दिनों से बंद चल रही हैं। दस फीसदी दुकानें जो खुलें उनसे भी कोरोना संक्रमण को लेकर बंद की अपील की जाएगी।
ग्राहक छोड़िए, दुकानदारों ने भी नहीं पहने मास्क
कोरोना संक्रमण के बढ़ते हुए मामलों को देखकर प्रशासन ने लोगों को कोरोना गाइड लाइन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। दुकानदारों को मास्क व सोशल डिस्टेंस का पालन करने और दुकानों पर आने वाले लोगों को गाइड लाइन का पालन करने का आह्वान किया। दुकानदारों को बिना मास्क पहने खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को सामान की बिक्री न करने का निर्देश जारी किया। इसके बाद भी बाजार में अधिकांश दुकानदार बिना मास्क के ग्राहकों को सामान देते हुए नजर आए।
व्यापारी आमने-सामने, व्हाट्सएप पर शुरू हुई जंग
कोरोना संक्रमण के खतरे से बचने को 30 अप्रैल तक बाजार बंद कराने की पहल पर शुरू हुए विवाद के बाद अब व्यापारियों के बीच व्हाट्सएप ग्रुपों पर भी जंग शुरू हो गई है। क्या पांच दिन बाजार बंद होने से कोरोना भाग जाएगा और व्यापारी नेता अगर कोई न कोई शगूफा नहीं छोड़ेंगे तो अपनी ‘दुकान’ कैसे चलाएंगे जैसी टिप्पणियों के साथ सोमवार को ग्रुपों में गरमागरम बहस जारी है। यह भी कहा जा रहा है कि व्यापारी बाजार को अपने हिसाब से खोलना चाहते हैं। अलग-अलग ग्रुप में दोनों पक्षों की ओर से इसको लेकर अपील की जा रही है। कुछ लोग यह भी टिप्पणी कर रहे हैं ये सब व्यापारी संगठनों का आपसी झगड़ा है इसलिए इस पर कोई ध्यान नहीं देना चाहिए।
सब्जी मंडी में मास्क लगाने से कतरा रहे लोग
डेलापीर सब्जी मंडी में लोगों की बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित हो रही है। प्रशासन की सख्ती के बाद भी लोग बेपरवाह बने हैं। सोमवार को यहां मंडी में इक्का दुक्का लोग ही मास्क पहने नजर आए। बाकी बेपरवाह लोग खरीदी कर रहे थे और व्यापारी सब्जी बेच रहे थे। इतना ही नहीं दो गज दूरी भी नहीं बना रहे थे। यहां पर कोविड-19 के नियमों का सरेआम उल्लंघन हो रहा है। सब्जी खरीदारी को पहुंचे राजीव नगर के शेखर ने कहा लोग खरीदी के दौरान शारीरिक दूरी का पालन करना ही भूल गए है। अभी भी भीड़ में लोग खुले मुंह ही घूम रहे हैं। ऐसे में संक्रमण बढ़ने का खतरा ओर भी बढ़ रहा है। अभी सबक नहीं लिया तो आने वाले समय में यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।
