बरेली: रेमडेसिविर के मौजूद हैं अन्य सुरक्षित विकल्प

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। कोरोना मरीजों के बीच रेमडेसिविर की इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत है। कुछ निजी कोविड अस्पताल अधिकांश मरीजों को इसकी जरूरत बता रहे हैं। हालांकि, सीएमओ और दूसरे अधिकारी इससे सहमत नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मरीजों को रेमडेसिविर की जगह डेक्सामेथोसोन व एस्टरॉयड भी दिया जा सकता है। …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना मरीजों के बीच रेमडेसिविर की इंजेक्शन की जबरदस्त किल्लत है। कुछ निजी कोविड अस्पताल अधिकांश मरीजों को इसकी जरूरत बता रहे हैं। हालांकि, सीएमओ और दूसरे अधिकारी इससे सहमत नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मरीजों को रेमडेसिविर की जगह डेक्सामेथोसोन व एस्टरॉयड भी दिया जा सकता है।

कोरोना के बढ़ते मरीजों के बीच रेमडेसिविर इंजेक्शन की किल्लत बढ़ती जा रही है। बाजार में इसकी कालाबाजारी हो रही है। ये इंजेक्शन पीड़ितों को उपलब्ध कराना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

सीएमओ डा. एसके गर्ग और एसीएमओ व स्वास्थ्य नगर अधिकारी डा. अशोक कुमार ने डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि रेमडेसिविर इंजेक्शन कोई जादुई दवा नहीं है। प्रत्येक कोरोना मरीज के लिए इसकी जरूरत नहीं है। सिर्फ जो मरीज सामान्य से गंभीर लक्षणों की ओर जाते हैं, उनको ही इंजेक्शन दिया जाना चाहिए। रेमडेसिविर इंजेक्शन के अलावा बाजार में उपलब्ध डेक्सामेथोसोन व एस्टरॉयड इंजेक्शन इसके सुरक्षित और बेहतर विकल्प हैं। इनका उपयोग करने से अच्छा परिणाम प्राप्त होगा।

सीएमओ ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों को उचित उपचार दिया जा रहा है। बताया कि होमआइसोलेशन में मरीज तेजी के साथ स्वस्थ्य हो रहे हैं। रिकवरी दर भी अब कुछ हद तक बढ़ा है। कहा कि ऐसे संकट की घड़ी में लोग अपने हौंसले को न खोएं और कोविड नियमों का पालन करें, जिससे वह व उनके परिजन इस माहामारी से सुरक्षित रह सकें।

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