बरेली: समान पाठ्यक्रम होने से डिजिटल पढ़ाई होगी आसान
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। एक बार फिर से भौतिक कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है और ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं के अलावा कई डिजिटल प्लेटफार्म पर भी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। मौजूदा समय में यह पाठ्यक्रम …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में पढ़ाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो गई है। एक बार फिर से भौतिक कक्षाओं पर रोक लगा दी गई है और ऑनलाइन कक्षाओं पर जोर दिया जा रहा है। ऑनलाइन कक्षाओं के अलावा कई डिजिटल प्लेटफार्म पर भी पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। मौजूदा समय में यह पाठ्यक्रम अलग-अलग हैं लेकिन भविष्य में नई शिक्षा नीति के तहत सभी विश्वविद्यालय में 70 फीसदी न्यूनतम समान पाठ्यक्रम लागू हो जाएगा। समान पाठ्यक्रम से छात्रों को डिजिटल प्लेटफार्म से पढ़ाई करना आसान हो जाएगा।
मौजूदा समय में व्हाट्सएप ग्रुप, गूगल मीट व अन्य तरीके से छात्रों को जोड़कर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। जिन कक्षाओं में कम संख्या में छात्र हैं, उन्हें तो दिक्कत नहीं हो रही है लेकिन कई महाविद्यालयों में एक ही कक्षा में 100 से अधिक छात्र हैं। उन्हें ऑनलाइन जोड़ना मुश्किल हो रहा है। इसके लिए यू ट्यूब पर भी वीडियो अपलोड किए जा रहे हैं।
बावजूद छात्रों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। बीते वर्ष कोरोना के कारण भौतिक कक्षाएं बंद हुईं तो दीक्षा डॉट कॉम, स्वयं प्रभा चैनल समेत कई प्लेटफार्म पर ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराए गए। उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग के द्वारा डिजिटल लाइब्रेरी पर भी ऑनलाइन कंटेंट उपलब्ध कराया गया।
इसमें सभी विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों के शिक्षकों ने कंटेंट तैयार किया था। इसके प्रचार के लिए भी सभी महाविद्यालयों में निर्देश दिए गए थे। अब एक बार फिर से ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई है। ऐसे में डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए भी छात्र अपनी पढ़ाई कर सकते हैं।
