हल्द्वानी: पुलिस के हेल्पलाइन नंबर ने मदद मांगने पर खड़े किए हाथ
हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस के हेल्पलाइन नंबर के दावे की चार दिन में ही कलई उतर गई। दवा की मदद मांगने पर हेल्पलाइन नंबर ने हाथ खड़े कर दिए। मदद पहुंचाना या दवा न मिलने की समस्या का समाधान तो दूर रहा, कॉलर को पलटकर फोन तक नहीं किया गया। नैनीताल पुलिस ने पहली अप्रैल …
हल्द्वानी, अमृत विचार। पुलिस के हेल्पलाइन नंबर के दावे की चार दिन में ही कलई उतर गई। दवा की मदद मांगने पर हेल्पलाइन नंबर ने हाथ खड़े कर दिए। मदद पहुंचाना या दवा न मिलने की समस्या का समाधान तो दूर रहा, कॉलर को पलटकर फोन तक नहीं किया गया।
नैनीताल पुलिस ने पहली अप्रैल के दिन हेल्पलाइन नंबर 05946-221538 जारी किया था। पुलिस ने दावा किया था कि इस नंबर पर दवा समेत कोई भी समस्या होने पर त्वरित समाधान किया जाएगा। लेकिन एक ही केस ने पुलिस के दावे और भरोसे की कलई उतार गई। दरअसल अमरावती कॉलोनी फेज वन निवासी कोरोना संक्रमित दीपक पांडेय ने कई दिनों तक इंतजार के बाद भी दवा न मिलने पर पुलिस के हेल्पलाइन में फोन किया। कॉलर ने हेल्पलाइन में दवा न मिलने की समस्या बताई और मदद की मांग की। पुलिस के हेल्पलाइन में फोन रिसीव करने वाले ने जल्द समाधान का भरोसा दिया। लेकिन दो दिन बाद भी न तो दवा आई और न ही कॉलर का हालचाल जाना गया।
कोरोना संक्रमित से कहा, अस्पताल से दवा ले जाओ
इस केस में कोरोना संक्रमण से निपटने और इलाज में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर कोताही और लापरवाही भी सामने आई। कोरोना पॉजिटिव दीपक पांडेय ने पुलिस के हेल्पलाइन से नाउम्मीद होकर कोविड कंट्रोल रूम में फोन किया। कंट्रोल रूम से एक स्वास्थ्य कर्मी का नंबर देकर दवा मंगाने को कहा गया। स्वास्थ्य कर्मी के नंबर पर फोन किया गया तो दूसरी ओर से बेहद गैर जिम्मेदाराना जवाब दिया गया। कहा गया कि अस्पताल जाकर दवा ले जाओ। बहरहाल अभी तक न तो दवा पहुंची और न ही स्वास्थ्य विभाग से किसी ने सुध ली।
