बरेली: दो साल के मासूम को देनी पड़ी पिता की चिता को मुखाग्नि, वजह जानकर छलक उठेंगी आपकी आंखें
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से पिता को खोने वाले जब दो साल के बच्चे ने मुखाग्नि दी तो सिटी श्मशान भूमि पर मौजूद लोगों की आखें नम हो गईं। कोरोना की वजह से अभी कुछ दिन पहले बच्चे के बाबा का निधन हो गया था। इसके बाद बच्चे के पिता की भी कोरोना से मृत्यु …
बरेली,अमृत विचार। कोरोना संक्रमण से पिता को खोने वाले जब दो साल के बच्चे ने मुखाग्नि दी तो सिटी श्मशान भूमि पर मौजूद लोगों की आखें नम हो गईं। कोरोना की वजह से अभी कुछ दिन पहले बच्चे के बाबा का निधन हो गया था। इसके बाद बच्चे के पिता की भी कोरोना से मृत्यु हो गई। शव को मुख्याग्नि देने के लिए घर में कोई नहीं बचा तो दो साल के बच्चे ने अपने पिता की चिता को आग दी।
श्मशान का यह दृश्य बहुत भावुक करने वाला था। कोरोना के कहर से तमाम परिवारों की हालत ऐसी हो गई है कि उनके यहां कोई संक्रमित हो जाता है तो न तो उसका इलाज कराने वाला है और न ही अंतिम संस्कार करने वाला।
कोरोना संक्रमण का शिकार होने के बाद हर दिन ही ऐसा देखने को मिल रहा है, जिससे रुह कांपने के साथ ही लोग बहुत ही ज्यादा भावुक हो रहे हैं। सिटी श्मशान भूमि में गुरुवार को बिहारीपुर से एक शव लाया गया। बताते हैं कि कुछ दिन पहले ही मृतक के पिता का भी कोरोना से निधन हो गया था। उसके बाद उसके बेटे की तबीयत भी खराब हो गई। उनका इलाज 300 बेड अस्तपाल में चल रहा था लेकिन वह भी बच नहीं सके और बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। हालत यह हो गई कि उनके परिवार में चिता को आग देने वाला कोई नहीं बचा।
इसके बाद घरवालों ने दो साल के मृतक के बेटे को मुखाग्नि देने के लिए श्मशान भेज दिया। वहां बच्चे को चिता को आग देते हुए देख दूसरे शवों की अंत्येष्टि करने आए लोगों की आंखें डबडबा आईं। कोरोना की वजह से ऐसे कई दृश्य देखने को मिल रहे हैं जो कोरोना की क्रूरता को दिखा रही है। अभी कुछ दिन पहले भी कोरोना संक्रमण से मरी एक महिला की बेटी ने संजयनगर श्मशान में पहुंचकर मुख्याग्नि दी थी। मृतक के पति भी कोरोना संक्रमित होने के बाद अस्पताल में थे। यह सब देख श्मशान वाले भी ऊपर वाले से कोरोना से कहर से जल्द ही मुक्ति दिलाने की गुहार कर रहे हैं।
श्मशानों में कुछ कम हुई मृतकों की संख्या, 57 शवों की अंत्येष्टि
श्मशान स्थलों पर गुरुवार को पिछले कई दिनों से जो मृतकों की संख्या दर्ज हो रही थी, उमसें कुछ कमी आई है। सिटी श्मशान में गुरुवार को 24 शव लाए गए। इसमें छह लोगों की मृत्यु कोरोना से हुई थी। यहां जगह न मिलने से पार्किंग स्थल पर चिता बनाई गईं। नगर निगम के अतिरिक्त चबूतरे बनाने के बावजूद अंत्येष्टि के लिए जगह कम पड़ रही है। उधर संजयनगर श्मशान भूमि में गुरुवार को शवों की संख्या पिछले कुछ दिनों के मुकाबले काफी कम रही। आमतौर पर यहां शवों के लाने की संख्या 35 से 45 के बीच थी, वहीं यह संख्या गुरुवार को 24 ही रही। इसमें छह लोगों की मृत्यु कोरोना की वजह से हुई थी। यहां भी चिताओं को जलाने के लिए जगह कम पड़ गई।
