गरमपानी: उत्तराखंड में रोजगार के लिए पंहुचे मजदूर, अब घरों को वापस लौटने को मजबूर
गरमपानी, अमृत विचार। सैकडों किलोमीटर दूर से गांवो में रोजगार की तलाश को पहुंचे मजदूर अब मजबूरी में एक बार फिर वापस लौटने लगे हैं। मजदूरो की वापस लौटने से बीते वर्ष की लॉकडाउन की तस्वीर एक बार फिर उभर कर सामने आ गई है। वापस लौट रहे लोगों की माने तो रोजगार जाने से …
गरमपानी, अमृत विचार। सैकडों किलोमीटर दूर से गांवो में रोजगार की तलाश को पहुंचे मजदूर अब मजबूरी में एक बार फिर वापस लौटने लगे हैं। मजदूरो की वापस लौटने से बीते वर्ष की लॉकडाउन की तस्वीर एक बार फिर उभर कर सामने आ गई है। वापस लौट रहे लोगों की माने तो रोजगार जाने से विकट स्थिति खड़ी हो गई।
बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में पूर्णिया (बिहार) से राजमिस्त्री का काम करने पहुंचे दस से ज्यादा लोग अब रोजगार खत्म होने से मायूस होकर वापस लौटने लगे हैं। बीते वर्ष लगे लॉकडाउन के बाद रोजगार छिन जाने से वापस गांव लौट गए थे। हालात तब ऐसे थे कि कई सौ किलोमीटर पैदल भी चलना पड़ा था। जम्मू कश्मीर के सैकडो़ श्रमिक भी तीन माह तक गांवों में फंसे रहे थे। बमुश्किल प्रशासन उन्हें उनके प्रदेश भेज पाया था। पर इस बार बिगड़ते हालातों के शुरुआती चरण में ही मजदूर वापस लौटने लगे हैं।
मजदूर बताते हैं कि गांवों में लोगों ने निर्माण कार्य कराना बंद कर दिया है। लॉकडाउन लगने की आशंका जता रहे बिहार के इश्तियाक, इजहार अहमद, मोहम्मद आजम, रुखसार समेत दस से ज्यादा मजदूरो ने वापस गांव की राह पकड़ ली है। मजदूर बताते हैं सब कुछ ठीक होने की उम्मीद में तीन माह पूर्व ही रोजगार की तलाश में उत्तराखंड पहुंचे थे पर एक बार फिर कोरोना संकट ने रोजगार पर ग्रहण लगा दिया है। बाहरहाल मजदूरों की वापस लौटती तस्वीरों ने एक बार फिर बीते लॉकडाउन की याद ताजा कर दी है।
