कोरोना को है हराना: एक घर में रहकर पत्नी व बच्चों से वीडियो कॉल पर बात की, लेकिन कोरोना से हार नहीं मानी

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हल्द्वानी, अमृत विचार। सोचिए…. क्या गुजरती होगी जब एक ही घर में रहकर अपनी पत्नी व बच्चे से वीडियो कॉल पर बात करनी पड़े। लेकिन इसको बेबसी नहीं माना। मनोरंजन और एडवेंचर मानकर इसका आनंद लिया। प्रेरक साहित्य पढ़ा और कॉमेडी फिल्में देखी और समय से पौष्टिक आहारा लिया। इस तरह दो हफ्ते से पहले …

हल्द्वानी, अमृत विचार। सोचिए…. क्या गुजरती होगी जब एक ही घर में रहकर अपनी पत्नी व बच्चे से वीडियो कॉल पर बात करनी पड़े। लेकिन इसको बेबसी नहीं माना। मनोरंजन और एडवेंचर मानकर इसका आनंद लिया। प्रेरक साहित्य पढ़ा और कॉमेडी फिल्में देखी और समय से पौष्टिक आहारा लिया। इस तरह दो हफ्ते से पहले ही महामारी कोरोना को हरा दिया सेल्स टैक्स अधिकारी विनय प्रकाश ओझा ने।

हल्द्वानी के रहने वाले वीपी ओझा सेल्स टैक्स विभाग में  रुद्रपुर में उप आयुक्त के पद पर तैनात है। वह बीती 16 अप्रैल को दिल्ली और दिल्ली से झारखंड गए थे। इसी दौरान वह किसी के संपर्क में आए और उन्हें बुखार, खांसी हुई। हल्द्वानी पहुंचने पर उन्होंने 18 अप्रैल को अपना कोविड-19 टेस्ट कराया। 22 अप्रैल को उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई। लेकिन उन्होंने एहतियात के तौर पर स्वयं को घर में ही आईसोलेट कर लिया।

वह अपने ही घर में एक कमरे में बंद हो गए। आईसोलेशन के दौरान उनकी दिनचर्या में सुबह नियमित योगा, गर्म पानी से स्नान, टीवी पर कॉमेडी फिल्में और प्रेरक साहित्य पढ़ना शामिल हो गया। चूंकि सेल्स टैक्स में उप आयुक्त ऑडिट का जिम्मा है इसलिए विभागीय नोटिफिकेशन और गाइडलाइंस से भी जानकारियां हासिल की। इस दौरान उन्होंने दिन में दो बार काढ़ा, गुनगुना पानी, फल व पौष्टिक आहार लिया। चार पांच दिन बाद सब कुछ सामान्य होने लगा।

तभी उनकी पत्नी को बुखार हो गया हालांकि उनका आरटीपीसीआर टेस्ट निगेटिव आया। एहतियात के तौर पर उनकी पत्नी को भी एक कमरे में आईसोलेट कर दिया गया।  एहतियातन तीसरे कमरे में  उनके नौ साल के बेटे और 13 साल की बेटी को आईसोलेट कर दिया गया। इस तरह एक ही मकान में अलग-अलग कमरों में पति, पत्नी और बच्चे रहने लगे। वह सुबह शाम वीडियो कॉल के जरिए आपस में बातचीत करते। जब बच्चों या पत्नी का हौसला टूटता तो वह सबको समझाते और कहते कि हमें ईश्वर का शुक्रिया करना चाहिए कि एक छत के नीचे हैं और सब सामान्य हैं।

बस इस तरह 14 दिनों से पहले ही स्वस्थ्य हो गए। वीपी ओझा का कहना है कि कोरोना महामारी से घबराना नहीं चाहिए। बेशक, टीवी, अखबार और सोशल मीडिया में बुरी खबरें आ रही हैं लेकिन इनसे घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ डॉक्टर का परामर्श लेकर नियमित दवाएं, पौष्टिक आहार और प्रेरणादायक साहित्य से ही जंग जीती जा सकती है।

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