अनदेखी: बिना पौष्टिक आहार के गर्भवतियां और कुपोषित कैसे लड़ेंगे कोरोना से जंग
हल्द्वानी, अमृत विचार। नैनीताल जनपद में मार्च से अभी तक गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के लिए राशन वितरण के लिए बजट जारी नहीं किया है। जो कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है। जन प्रतिनिधियों ने राशन वितरण के लिए बजट जारी करने की मांग की है। जिपं सदस्य निवेदिता …
हल्द्वानी, अमृत विचार। नैनीताल जनपद में मार्च से अभी तक गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के लिए राशन वितरण के लिए बजट जारी नहीं किया है। जो कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए जानलेवा हो सकता है। जन प्रतिनिधियों ने राशन वितरण के लिए बजट जारी करने की मांग की है।
जिपं सदस्य निवेदिता जोशी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौर कोरोना वायरस संक्रमण से लड़ाई के लिए लोगों को पौष्टिक आहार देने की बात की जा रही है। ऐसे समय में राज्य सरकार ने मार्च से अभी तक गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों के लिए राशन का बजट जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि अमूमन सरकारी सहायता से मिलने वाले राशन को लेने वाली निचले व कमजोर वर्ग की महिलाएं होती हैं। जो कि इस महामारी के दौर में आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही होंगी। ऐसे समय में उनका राशन बंद करना उचित नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी धीराज सिंह गबर्याल को ज्ञापन सौंप कर गर्भवती महिलाओं, कुपोषित बच्चों के पौष्टिक आहार के लिए बजट जारी करने की मांग की है।
