हल्द्वानी: गौलापार में 14 मौत के बाद जागा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में कोविड से हुई 14 मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नींद आखिरकार टूट ही गई। यहां एक हफ्ते के अंदर कोरोना संक्रमण के चलते कई लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के आला अधिकारियों ने …
हल्द्वानी, अमृत विचार। हल्द्वानी के गौलापार क्षेत्र में कोविड से हुई 14 मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की नींद आखिरकार टूट ही गई। यहां एक हफ्ते के अंदर कोरोना संक्रमण के चलते कई लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के आला अधिकारियों ने अभी तक तो यहां की सुध नहीं ली थी, लेकिन जब क्षेत्र का समाचार मीडिया में प्रसारित हुआ तो सोमवार को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम प्रभावित गांवों में ग्रामीणों के सैंपल लेने पहुंची। हालांकि कोविड से हुई मौतों पर अब भी जिम्मेदार अधिकारी इस बात की पुष्टि करने से बच रहे हैं कि ये मौतें कोविड से ही हुई हैं।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गौलापार के कई इलाकों रैपिड एंटीजन टेस्ट किए। जिनमें देवला तल्ला में 116 सैंपल लिए गए, जिनमें चार लोग पॉजीटिव मिले। देवपुर में 19 लोगों की टेस्टिंग की गई, जिसमें एक संक्रमित मिला। बागजाला में 14 और गजेपुर में 25 लोगों की सैंपलिंग हुई, जिनमें सभी एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाए गए।
मालूम हो कि गौलापार क्षेत्र में 15 ग्राम पंचायत, आठ क्षेत्र पंचायत और एक जिला पंचायत क्षेत्र है, जिसमें करीब 50 हजार की आबादी है। यहां के कई गांवों में कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद बढ़ती जा रही है। गौलापार की तीन ग्राम पंचायतों देवला तल्ला, कुंवरपुर, जगतपुर में कोविड-19 महामारी का इस समय जबरदस्त प्रकोप है। संक्रमण के कारण पिछले हफ्ते से अब तक14 मौतें हो गई हैं और 36 लोग अभी भी संक्रमित हैं, जिनमें कुछ घर पर आइसोलेट हैं तो कुछ का अस्पतालों में उपचार चल रहा है। देवला तल्ला में 8, कुंवरपुर में 3, जगतपुर में 3 मौतें अब तक हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों के बावजूद यहां स्वास्थ्य विभाग की ओर से सैंपलिंग के लिए विशेष शिविर आयोजित नहीं किए जा रहे, ग्राम पंचायतें अपने स्तर पर ही सैनेटाइजेशन और कोरोना किट उपलब्ध करा रही है। ग्राम प्रधानों और क्षेत्रवासियों का ये भी आरोप है कि शुरुआती चरण में अधिकारियों से यहां जांच कराने के लिए कहा गया, लेकिन किसी ने कोई कारवाई नहीं की, जिससे संक्रमण का प्रसार और ज्यादा बढ़ गया।
उधर, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी इस विषय पर सच कहने से बच रहे हैं। एसडीएम विवेक राय ने कहा कि ये मौतें कोरोना के कारण नहीं हुई हैं, जब तक रिकॉर्ड नहीं देखा जाएगा, तब तक इन मौतों की कोविड पुष्टि नहीं की जा सकती।
