हल्द्वानी: ब्लैक फंगस की दवा के लिए एसओपी जारी, सरकारी नियंत्रण में रहेगी एंफोटेरिसिन बी
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बाद अब ब्लैक फंगस बीमारी का खतरा गहराने लगा हैा इस बीमारी का विकराल रुप लेने से पहले ही शासन स्तर पर पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है। बीमारी के उपचार में सबसे ज्यादा उपयोगी दवाओं की कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए इसके वितरण की जिम्मेदारी कोविड …
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बाद अब ब्लैक फंगस बीमारी का खतरा गहराने लगा हैा इस बीमारी का विकराल रुप लेने से पहले ही शासन स्तर पर पूर्ण सतर्कता बरती जा रही है। बीमारी के उपचार में सबसे ज्यादा उपयोगी दवाओं की कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए इसके वितरण की जिम्मेदारी कोविड अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, व अन्य सरकारी चिकित्सा संस्थानों को सौपी गई है। कारण यह है कि इस बीमारी में दी जाने वाली एंफोटेरिसिन बी नामक दवा का नियंत्रण पूरी तरह से सरकार के हाथ में रहे और जरुरत मंदों को समय पर पर्याप्त दवा मिल सके।
हल्द्वानी की डॉ. रश्मि पंत को मिली कुमाऊं की कमान
- शासन की ओर से मंगलवार को मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी गई है। एसओपी के मुताबिक ब्लैक फंगस की दवा का वितरण एक अलग व्यवस्था के तहत होगा। इस व्यवस्था के तहत प्रदेश में दवा के भंडारण और मांग की पूर्ति करने के लिए कुमाऊं में हल्द्वानी की अपर चिकित्साधिकारी डॉ. रश्मि पंत और गढ़वाल में डॉ. कैलाश गुनियाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी तरह अस्पतालों और अन्य संस्थाओं को कहा गया है कि वे दवा की मांग के बारे में दून मेडीकल कॉलेज के डॉ. नारायणजीत सिंह और कुमाऊं में हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के डॉ. एसआर सक्सेना से संपर्क करेंगे।कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए दवा का उपयोग करने वाले अस्पतालों से कहा गया कि वे दवा की खाली शीशियों को जमा कराएंगे। दवा का अगर उपयोग नहीं होता है तो वह वापस करनी होगी। दवा की मांग भी दिन में दो बार की जा सकती है।
स्टेरॉयड की ज्यादा डोज से बीमारी की संभावना
- कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को ठीक करने के लिए स्टेरॉयड की डोज दी जाती है। डायबिटिज, हार्ट व अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को खास तौर से स्टेरॉयड देने की जरुरत पड़ती है। परिणाम स्वरुप चिकित्सों की सलाह के बगैर मनमानी डोज लेने वालों में इस बीमारी का खतरा ज्यादा होने की आशंका रहती है
