बरेली: शपथ पत्र लेकर 733 नवनियुक्त शिक्षकों का जारी होगा पहला वेतन
बरेली,अमृत विचार। शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन न होने के कारण बेसिक शिक्षा विभाग के नवनियुक्त 733 शिक्षकों का वेतन छह माह बाद भी जारी नहीं हो पाया है। कोरोना काल में आर्थिक तंगी को देखते हुए शासन नवनियुक्त शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर वेतन जारी करने की तैयारी में है। इसके लिए बीएसए कार्यालय से …
बरेली,अमृत विचार। शैक्षणिक प्रमाण-पत्रों का सत्यापन न होने के कारण बेसिक शिक्षा विभाग के नवनियुक्त 733 शिक्षकों का वेतन छह माह बाद भी जारी नहीं हो पाया है। कोरोना काल में आर्थिक तंगी को देखते हुए शासन नवनियुक्त शिक्षकों से शपथ पत्र लेकर वेतन जारी करने की तैयारी में है। इसके लिए बीएसए कार्यालय से शपथ पत्र का प्रारूप भेज दिया गया है। दो दिनों के अंदर इसे भरकर कार्यालय में भेजना होगा। इसके बाद वेतन जारी कर दिया जाएगा।
प्रदेश भर के परिषदीय स्कूलों में रिक्त पदों को भरने के लिए 69 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई। इस भर्ती में बरेली में कुल 1133 शिक्षकों को भर्ती किया गया था। शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद अभी तक करीब 400 लोगों का ही वेतन सत्यापन के बाद जारी हो सका था। बाकी शिक्षकों का शैक्षिक प्रमाण पत्रों का सत्यापन संबंधित बोर्ड और विश्वविद्यालय से प्राप्त नहीं हो सका जिसकी वजह से इनका वेतन जारी नहीं किया गया। इसको लेकर तमाम शिक्षक संगठनों ने विरोध भी किया था। हंगामा बढ़ा तो शासन ने शपथ पत्र के आधार पर वेतन जारी करने के आदेश दे दिए।
सत्यापन के बाद गड़बड़ी मिली तो नियुक्ति रद्द होगी
बीएसए विनय कुमार ने बताया कि शपथ-पत्र के साथ शिक्षक को 100 रुपये का नोटरी स्टांप लगाना होगा। यदि सत्यापन के बाद किसी भी शिक्षक के दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली तो उसकी नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी जिसका वह स्वयं जिम्मेदार होगा। गलत तरीके से नियुक्ति को लेकर उस पर कार्रवाई भी की जाएगी।
“शासन का यह फैसला बहुत अच्छा है। इस दिन का काफी दिनों से इंतजार था। कई महीनें बीत जाने के बाद भी अभी तक वेतन नहीं मिला था। खुशी है कि अब वेतन मिल जाएगा। इससे कई शिक्षकों को लाभ मिलेगा।” -पूजा विश्वास, नव नियुक्त शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय ओसड़

“कई महीने बीत जाने के बाद अब एक अच्छी खबर मिली है। कोरोना काल में वेतन की बहुत जरूरत भी थी। शासन का शपथ पत्र के आधार पर वेतन देने का फैसला बेहद अच्छा है। इससे सभी शिक्षकों को बहुत लाभ मिलने वाला है।” -शिवानी शाक्य, नव नियुक्त शिक्षिका, प्राथमिक विद्यालय मोहब्बतगंज

“जब सूचना मिली कि अब शपथ पत्र के आधार पर वेतन मिल जाएगा तो बहुत खुशी हुई। महीनों इंतजार के बाद अब पहला वेतन हाथ में आएगा। इस दिन के लिए हर दिन परेशान रहते थे। अब काफी राहत मिलेगी।” -नीरज कुमार, नव नियुक्त शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय बिहारीपुर पीतमराम

“कोरोना के इस समय में वेतन मिलना अति आवश्यक हो गया था। मेरे जैसे अन्य कई शिक्षक भी संक्रमित हुए थे। इलाज कराने को लेकर बहुत परेशानी हुई। लगभग साढ़े सात महीने बाद शपथ पत्र पर वेतन दिया जा रहा है। इससे खुशी हुई।” -शुभम सिंह, नव नियुक्त शिक्षक, प्राथमिक विद्यालय गुलड़िया अरिल

