अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार करने की तैयारियां शुरू
अमृत विचार, बरेली। नई शिक्षा नीति को लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए एक तरफ समान न्यूनतम पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए पाठ्य समिति की बैठकें आयोजित हो रही हैं तो दूसरी तरफ छात्रों का राष्ट्रीय अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार किया जा रहा है। सोमवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की समिति …
अमृत विचार, बरेली। नई शिक्षा नीति को लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए एक तरफ समान न्यूनतम पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए पाठ्य समिति की बैठकें आयोजित हो रही हैं तो दूसरी तरफ छात्रों का राष्ट्रीय अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार किया जा रहा है। सोमवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय की समिति के द्वारा ऑनलाइन बैठक हुई। इस बैठक में अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार करने को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा सभी प्राचार्यों को छात्रों का डाटा तैयार करने के निर्देश दिए।
नई शिक्षा नीति 2020 आगामी सत्र 2021-22 से लागू की जाएगी। शासन ने इसके जल्द से जल्द पाठ्य समिति की बैठक तैयार कर 30 फीसदी पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के द्वारा 10 दिनों से ऑनलाइन बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इसके तहत अब तक संस्कृत, उर्दू, साइकोलॉजी, फिलास्पी समेत कई विषयों की बैठक आयोजित कर संशोधित पाठ्यक्रम तैयार कर लिया गया है।
सभी विश्वविद्यालयों में मुख्य विषयों में 70 फीसदी पाठ्यक्रम समान होगा। नई शिक्षा नीति के तहत सेमेस्टर प्रणाली लागू होगी। प्रत्येक सेमेस्टर के हिसाब से छात्रों को न्यूनतम क्रेडिट दिए जाएंगे। इसके लिए छात्रों का अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार किया जाएगा। एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रवेश समन्वयक प्रो. एसके पांडेय ने बताया कि अकादमिक क्रेडिट बैंक तैयार किया जा रहा है।
सोमवार को इस संबंध में समिति के सदस्यों डा. अनुराग मोहन, डॉ पीके वाष्र्णेय, डा. आरके सिंह, सहायक रजिस्ट्रार परीक्षा सुनीता यादव के साथ ऑनलाइन बैठक की। बैठक में क्रेडिट बैंक को लेकर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि सभी महाविद्यालयों को छात्रों का डाटा तैयार करने के बारे में जानकारी दी गई है। सभी को पोर्टल पर लॉगिन व पासवर्ड दिया गया है। इसके तहत छात्र का नाम, शैक्षिक सत्र, विषय व अन्य की जानकारी अपलोड की जा रही है।
