26 मई को वैशाख और बुद्ध पूर्णिमा, शिव और सवार्थ सिद्ध योग संग चंद्रग्रहण बना रहा दुर्लभ संयोग
अमृत विचार, बरेली। पंचांग के अनुसार बुधवार को वैशाख शुक्ल की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन वैशाख मास का समापन होगा। पूर्णिमा की तिथि का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन वैशाख और बुद्ध पूर्णिमा के साथ शिव योग और सवार्थ सिद्ध योग और अमृत सिद्ध योग रहेगा। साथ ही चंद्रग्रहण की वजह …
अमृत विचार, बरेली। पंचांग के अनुसार बुधवार को वैशाख शुक्ल की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन वैशाख मास का समापन होगा। पूर्णिमा की तिथि का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। इस दिन वैशाख और बुद्ध पूर्णिमा के साथ शिव योग और सवार्थ सिद्ध योग और अमृत सिद्ध योग रहेगा। साथ ही चंद्रग्रहण की वजह से दुर्लभ संयोग बन रहा है। इस दिन पूजा-अर्चना के साथ दान का भी महत्व है तो वहीं खीर बनाकर मां लक्ष्मी को प्रसाद चढ़ाने का भी बड़ा महत्व है।
पंडित सुमित मिश्रा बताते हैं कि वैशाख मास की पूर्णिमा को वैशाख पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। पूर्णिमा के दिन की जाने वाली पूजा का विशेष पुण्य जीवन में प्राप्त होता है। इसीलिए इसे एक पवित्र तिथि के तौर पर भी देखा जाता है। इस दिन पूजा के साथ व्रत और दान का विशेष महत्व है। इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विधान है। वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा का पर्व है। इस दिन भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था। इस कारण इस तिथि को बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है।
बताया कि वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि का आरंभ मंगलवार रात 08 बजकर 29 मिनट पर हो गया जिसका बुधवार को शाम 04 बजकर 43 मिनट पर समापन होगा। पूर्णिमा का व्रत बुधवार को रखा जाएगा। इसी दिन बुद्ध पूर्णिमा भी मनाई जाएगी। इस दिन पंचांग के अनुसार दो विशेष योग का निर्माण हो रहा है। मंगलवार को शिव योग रात 10 बजकर 52 मिनट तक बना हुआ है। जबकि, बुधवार प्रात: 6 बजकर 1 मिनट से देर रात 1 बजकर 16 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग रहेगा।
पूर्णिमा पर लग रहा चंद्रग्रहण
बुधवार को पूर्णिमा की तिथि को चंद्र ग्रहण भी लग रहा है। यह इस साल का पहला चंद्रग्रहण है। चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि और अनुराधा नक्षत्र में लगेगा। भारत में इसे उपछाया ग्रहण माना जा रहा है। इसलिए इसमें सूतक नियम प्रभावी नहीं होंगे।
