रामपुर: आजम खान के लिए महिला समर्थक ने खून से लिखा खत, राष्ट्रपति के सामने उठाई रिहाई की मांग
रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की रिहाई की मार्मिक अपील के साथ एक महिला समर्थक ने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजा है। सीतापुर जेल में बंद श्री खान का इलाज कोरोना संक्रमण के कारण लखनऊ के मेदांता अस्पताल में किया जा रहा है। वहीं उनके …
रामपुर। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता और रामपुर के सांसद आजम खान की रिहाई की मार्मिक अपील के साथ एक महिला समर्थक ने खून से पत्र लिखकर राष्ट्रपति को भेजा है। सीतापुर जेल में बंद श्री खान का इलाज कोरोना संक्रमण के कारण लखनऊ के मेदांता अस्पताल में किया जा रहा है।
वहीं उनके संसदीय क्षेत्र में समर्थक कहीं प्रार्थनाएं, कहीं गैर मुस्लिम उनके लिए रोजा रखकर रिहाई की दुआ मांग रहे हैं तो कहीं उनके लिए यज्ञ कर आहुति दी जा रही है ताकि आजम खान जेल से रिहा हो सकें।
अब इस कड़ी में आजम खान के समर्थक एडवोकेट विक्की राज की पत्नी और रामपुर से नामित सभासद नेहा राज ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपने खून से पत्र लिख कर श्री खान को रिहा करने की मांग की है।
खत में लिखीं हैं ये बातें
नेहा राज ने खत में लिखा है कि आजम खान के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। आजम खान ने स्कूल बनवाए हैं, यूनिवर्सिटी बनवाई है और समाज के कमजोर लोगों के हाथ में कलम पकड़ाने की कोशिश की है। आजम खान 26 फरवरी 2020 से सीतापुर की जेल में हैं। जेल में ही कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद से उनका इलाज लखनऊ के मेदांता अस्पताल में चल रहा है।
पत्र में लिखा “ महामहिम। आप देश के राष्ट्रपति होने के साथ साथ 135 करोड़ देशवासियो के अभिभावक भी हैं और समस्त देशवासियों की आशाएं आपसे जुड़ी हुई हैं। हम उस देश में रहते है जहां एक बलात्कारी बाबा राम रहीम को जमानत मिल जाती है वहीं शिक्षा के मंदिर बनाने वाले, यूनिवर्सिटी बनाने वाले, बच्चों के स्कूल बनाने वाले, मेडिकल कॉलेज बनाने वाले आजम खां आज भी जेल में हैं।
भारतीय सविंधान में किसी के साथ भी पक्षपात की कोई गुंजाइश नहीं है, फिर क्यों आज़म खान के साथ राजनीतिक द्वेषभावना के कारण पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। क्यों आजम खान को रिहाई नहीं मिल सकती।
