हल्द्वानी: पहाड़ों के गाड़-गधेरों में होने वाली यह सब्जी है औषधि से परिपूर्ण, खूब बिक रही

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भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। हमारे आस-पास तमाम ऐसी चीजें मौजूद हैं जिन पर हम ध्यान नहीं देते या फिर हम उन्हें निष्प्रयोग समझते हैं। प्रकृति ने ऐसी तमाम जड़ी- बूटियां उपहार स्वरूप दी हैं जिनके बार में हमें कम ही ज्ञान है। ऐसे ही पहाड़ी क्षेत्रों में गाड़-गधेरों में होने वाले लिंगडे़ से आप सभी वाकिफ …

भूपेश कन्नौजिया, हल्द्वानी। हमारे आस-पास तमाम ऐसी चीजें मौजूद हैं जिन पर हम ध्यान नहीं देते या फिर हम उन्हें निष्प्रयोग समझते हैं। प्रकृति ने ऐसी तमाम जड़ी- बूटियां उपहार स्वरूप दी हैं जिनके बार में हमें कम ही ज्ञान है। ऐसे ही पहाड़ी क्षेत्रों में गाड़-गधेरों में होने वाले लिंगडे़ से आप सभी वाकिफ ही होंगे जिसकी इन दिनों खासी मांग है और इसके पीछे वजह है इसके औषधीय गुण। लिंगड़े को औषधीय जड़ी-बूटी का दर्जा दिया गया है और इस कोरोना काल में इसकी अचानक मांग बढ़ने की वजह भी यही है।

उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर और हिमांचल में उगने वाले इस जंगली पौधे में तमाम औषधीय तत्व शामिल हैं जो हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लिंगड़े को अलग-अलग नाम से जाना जाता है जैसे लिमड़ा,कत्थयूड़, ल्यूड़ ,लंगडू, लिंगड़ी, कसरोड़ आदि वहीं इसका आचार भी बनाया जाता है। दरअसल यह लिंगड़ा गाड़ -गधेरों के किनारे उगने वाली एक फर्न की ही प्रजाति है। यह न केवल पौष्टिक सब्जी है, बल्कि यह औषधीय गुणों से भी भरपूर है। इन दिनों शहर में यह पचास से सत्तर रूपये किलो तक बिक रहा है।

आयुर्वेदिक चिकित्सक डा.विनय खुल्लर का कहना है कि जंगलों में पैदा होने वाले लिंगडे को स्वादिष्ट सब्जी के लिए जाना जाता है, इसके सेवन से मनुष्यों के शरीर के लिए पोषण की कमी को भी दूर करता है। इसके हरे कोमल डंठल में विटामिन ए, विटामिन बी कांप्लेक्स, पोटेशियम, कॉपर, आयरन, फैटी एसिड, सोडियम, फास्फोरस, मैगनीशियम, कैरोटिन और मिनरल्ज भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं जो मानव शरीर के लिए बेहद फायदेमंद हैं। इसकी सब्जी को सप्ताह में तीन बार भोजन में जरूर शामिल करना चाहिए।

बॉक्स – फैटी लिवर और मधुमेह की शिकायत वालों के लिए भी लाभदायक

डा.विनय खुल्लर बताते हैं कि लिंगड़ का सेवन शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने में कारगर है, वहीं घातक बीमारियों की रोकथाम के लिए यह रामबाण माना गया है। यह शरीर को रोगों से लड़ने के लिए तैयार करता है तथा इसकी सब्जी लिवर को स्वस्थ बनाने का कार्य करती है। फैटी लिवर के लिए भी इसकी सब्जी लाभदायक है तथा इसकी सब्जी रक्त में मौजूद शर्करा की मात्रा को नियंत्रण करती है। इसके सब्जी के सेवन से जोड़ों के दर्द से भी छुटकारा मिलता है। इसमें फैट बिल्कुल नहीं होता और न ही कोलेस्ट्रोल होता है। इस सब्जी के सेवन से कैल्शियम, नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाशियम, आयरन और जिंक की कमी को पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह औषधीय सब्जी चर्म रोगों के साथ-साथ दिल के मरीजों के लिए भी लाभदायक मानी गई है।

 

– यह एक तरह की फर्न की ही प्रजाति है, पौष्टिक तत्वों से भरपूर होती है। तमाम एनजीओ भी अब इसके औषधीय गुणों को देखते हुए आचार बना रही हैं। लिंगडे में प्रचुर मात्रा में आयरन और विटामिन बी पाया जाता है, नमी वाली जगह पर इसकी पैदावार होती है पर ध्यान देने वाली बात यह है कि इसी की तरह दिखने वाली अन्य प्रजातियां भी होती हैं जो जहरीली हो सकती हैं इसलिए जानकारों की मदद से ही सब्जी घर लेकर आएं।

डा. अरूण किशोर, वरिष्ठ वैज्ञानिक, केंद्रीय शीतोष्ण बागवानी संस्थान, मुक्तेश्वर

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