मुरादाबाद : सऊदी अरब के फरमान से जायरीन में छाई मायूसी
सलमान खान/मुरादाबाद/अमृत विचार। कोरोना महामारी ने इस बार भी धार्मिक यात्राओं पर संकट खड़ा कर दिया है। पिछली बार भी इसकी वजह से सिर्फ सऊदी अरब के चंद लोगों ने ही कोविड-19 के नियमों के साथ हज की रस्म अदा की थी। इस बार लोग हज यात्रा पर जाने की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन, …
सलमान खान/मुरादाबाद/अमृत विचार। कोरोना महामारी ने इस बार भी धार्मिक यात्राओं पर संकट खड़ा कर दिया है। पिछली बार भी इसकी वजह से सिर्फ सऊदी अरब के चंद लोगों ने ही कोविड-19 के नियमों के साथ हज की रस्म अदा की थी। इस बार लोग हज यात्रा पर जाने की उम्मीद लगाए हुए थे। लेकिन, सऊदी सरकार ने इससे पहले नया फरमान जारी कर दिया है। उसमें कहा है कि जिस देश में कोरोना महामारी जारी है, वहां के लोगों को हज पर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इससे साफ जाहिर है कि यहां के लोग कोरोना महामारी के चलते इस बार भी यात्रा पर नहीं जा सकेंगे।
हर साल जनपद से तीन से चार हजार लोग हज यात्रा पर जाते थे। लेकिन कोरोना के चलते बीते वर्ष भी सऊदी सरकार ने अपने यहां के लोगों से हज की रस्म को मुकम्मल कराया था। इस साल के शुरू में कोरोना संक्रमण के मामले कम देखते हुए लोगों ने हज के लिए आवदेन करना शुरू कर दिया था। इस पर सऊदी सरकार ने भी अपनी गाइडलाइन जारी कर दी थीं कि जायरीन को 72 घंटे पहले की निगेटिव रिपोर्ट देनी होगी।
लेकिन, अप्रैल में अचानक बढ़े कोरोना संक्रमण के बाद वहां की सरकार ने दूसरी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि जिस देश में कोरोना महामारी चल रही है, वहां से किसी को हज पर आने की अनुमति नहीं है। इस फरमान से हज पर जाने वाले जायरीन में एक बार फिर मायूसी छा गई है।
70 लोगों ने किया था आवेदन
पिछली बार कोरोना के कारण आवेदन रद कर दिए गए थे। सभी की राशि वापस कर दी गई थी। इस बार सऊदी सरकार की गाइडलाइनों के अनुसार लोगों ने हज यात्रा पर जाने के लिए आवेदन करना शुरू किए। लेकिन, इस बार सिर्फ 170 लोग ही आवेदन कर पाए थे, उससे पहले ही वहां की सरकार ने नया फरमान जारी कर दिया, जिसके चलते इस बार भी आवेदकों को उनकी रकम वापस कर दी जाएगी।
छह माह से न हुई हो कोई बीमारी
हज यात्रा पर जाने वाले किसी भी देश के जायरीन के लिए सऊदी सरकार ने कई शर्तें जारी की हैं। उसमें पहली यह कि जिस देश में कोरोना महामारी जारी है, वहां से लोगों को हज पर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ दूसरी शर्त यह है कि हज पर आने वाले जायरीन को इस बात का प्रमाण पत्र देना होगा कि हज पर आने से पहले छह महीनों से उसे कोई बीमारी नहीं हुई है। अगर हज पर आने से पहले किसी को बुखार, जुकाम, खांसी व सांस में दिक्कत समेत अन्य कोई बीमारी हुई है तो उसे अनुमति नहीं है।
कोविशील्ड की दोनों डोज हैं जरूरी
हज पर जाने वाले अगर सऊदी सरकार को इस बात का प्रमाण पत्र दिखा दें कि उन्हें पिछले छह माह से कोई बीमारी नहीं हुई हैं तो उन्हे इस बात का भी प्रमाण देना होगा कि उनके द्वारा कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ले ली गई हैं। अगर कोविशील्ड के अलावा अन्य वैक्सीन लगवाई है और हज पर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो जाना मुश्किल है। सऊदी सरकार ने अपनी गाइडलाइन में यह भी साफ किया है कि जिसने इस वैक्सीन की दोनों डोज लगवाई हैं, सिर्फ उसको ही अनुमति दी जाएगी। किसी और वैक्सीन लगवाने वालों को हज पर आने की अनुमति नहीं है।
कोरोना के चलते इस बार हज के लिए सिर्फ 170 ही आवेदन आए थे। लेकिन, अब सऊदी सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि जिस देश में कोरोना महामारी फैली है, वहां से किसी को हज पर आने की अनुमति नहीं है। इसके अलावा सऊदी सरकार ने सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन को मान्य किया है। इसके चलते इस बार भी जनपद के जायरीन का हज पर जाना मुश्किल है। -खुसरो फैसल, हज ट्रेनर
