चिंता: कुमाऊं में अब तक ब्लैक फंगस का कोई मरीज ठीक नहीं हुआ
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में कोरोना की संक्रमण दर कम हो रही है। आने वाले दिनों में और भी राहत मिलने के आसार हैं लेकिन ब्लैक फंगस के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। यहां अभी इस बीमारी के जितने भी मरीज भर्ती हुए हैं किसी को भी अस्पताल से ठीक करके डिस्चार्ज नहीं किया गया …
हल्द्वानी, अमृत विचार। कुमाऊं में कोरोना की संक्रमण दर कम हो रही है। आने वाले दिनों में और भी राहत मिलने के आसार हैं लेकिन ब्लैक फंगस के मामलों ने चिंता बढ़ाई है। यहां अभी इस बीमारी के जितने भी मरीज भर्ती हुए हैं किसी को भी अस्पताल से ठीक करके डिस्चार्ज नहीं किया गया है। हालांकि कुछ मरीजों की मौत जरूर हुई है।
कोरोना की लहर के साथ ही ब्लैक फंगस के भी मामले बढ़ने लगे। कोरोना से डिस्चार्ज हो रहे मरीजों में भी यह बीमारी सामने आ रही है। आंखों में संक्रमण की यह बीमारी इतनी खतरनाक होती है अगर सही समय पर इलाज नहीं मिले तो रोगी की मौत भी हो जाती है। अब जब कोरोना की दूसरी लहर कम हो रही है। तो अब स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस से निपटने पर ज्यादा जोर दे रहा है। यहां अभी तक ऊधमसिंह नगर में ब्लैक फंगस का एक मरीज भर्ती हुआ था और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा सुशीला तिवारी अस्पताल में ब्लैक फंगस के 18 मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें से ठीक तो अभी कोई नहीं है।
हालांकि चार मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा एक मरीज निजी अस्पताल में भर्ती है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ब्लैक फंगस के इलाज के लिए सभी दवाएं उपलब्ध होने की बात कहता है।
ये हैं ब्लैक फंगस के लक्षण
-चेहरे के एक तरफ सूजन
-सरदर्द
-नाक या साइनस में जमाव,
-नाक में या मुंह के ऊपरी हिस्से में काले घाव का जल्दी से गंभीर रूप लेना।
-बुखार आना
कमजोर इम्यून सिस्टम वालों को खतरा
हल्द्वानी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक फंगस बीमारी कोई संक्रमण की बीमारी नहीं है। इसलिए यह कोरोना की तरह नहीं फैलती है। हालांकि कोरोना मरीजों में यह बीमारी इसलिए देखने को मिल रही है क्योंकि कोरोना लोगों के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और ब्लैक फंगस ऐसे ही लोगों को अपना शिकार बनाता है। अगर ब्लैक फंगस का कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर सही इलाज से इस बीमारी से निदान मिल सकता है। बीमारी ठीक होने में करीब छह सप्ताह तक का समय लग जाता है।
ब्लैक फंगस के मरीज को सही होने में समय लगता है। एसटीएच में भर्ती ब्लैक फंगस के सात मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है। अभी अस्पताल से ब्लैक फंगस का कोई मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज नहीं हुआ है लेकिन अगले तीन दिनों में डिस्चार्ज होना शुरू हो जाएंगे।
– डा. अरूण जोशी, एमएस, एसटीएच
