मुरादाबाद: कांठ रोड से नया मुरादाबाद तक जल्द बनेगी छह लेन स्मार्ट सड़क

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मुरादाबाद,अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कांठ रोड से नया मुरादाबाद होकर हाइवे को जोड़ने वाला छह लेन का स्मार्ट बाईपास बनाने जा रहा है। डिडोरी-डिडौरा गांव के किसान सड़क के लिए तो जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस क्षेत्र में विकसित करने के लिए रोड के आसपास की जमीन देने से कतरा रहे …

मुरादाबाद,अमृत विचार। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कांठ रोड से नया मुरादाबाद होकर हाइवे को जोड़ने वाला छह लेन का स्मार्ट बाईपास बनाने जा रहा है। डिडोरी-डिडौरा गांव के किसान सड़क के लिए तो जमीन देने के लिए तैयार हैं, लेकिन इस क्षेत्र में विकसित करने के लिए रोड के आसपास की जमीन देने से कतरा रहे हैं।

एमडीए के अधिकारियों ने इस पर नए सिरे से काम शुरू करने की योजना बनाई है। डिडोरी-डिडौरा गांव के किसान से जमीन देने पर सहमति नहीं बनी तो बाईपास की दूरी तरफ से बना दिया जाएगा।

मुरादाबाद विकास प्राधिकरण कांठ रोड पर अगवानपुर क्रासिंग से नया मुरादाबाद दिल्ली रोड वाले लगभग 10 किलोमीटर बाईपास बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है। एमडीए के इस स्मार्ट प्रोजक्ट पर लगभग 350 करोड़ रुपये का खर्च होने हैं।

छह लेन का यह बाइपास बनाने के बाद एमडीए इसके किनारे की जमीन किसानों से लेकर आवासीय और औद्योगिक क्षेत्र विकसित करेगा। बाईपास बनने से दिल्ली रोड से कांठ रोड को जोड़ने वाला एक नया मार्ग मिलेगा। इससे बिजनौर, हरिद्वार, पंजाब जाने वालों को इस मार्ग से आना-जाना आसान होगा।

बाईपास बनाने के लिए एमडीए ने किसानों से जमीन लेने के लिए सहमति बनाने को पहल की थी। किसान बाईपास के लिए तो जमीन देने को तैयार हैं, लेकिन इससे आसपास की जमीन देने में रुचि नहीं है। किसान चाहते हैं कि बाइपास बनने के बाद वह अपनी जमीन को खुद प्राइवेट बिल्डरों से हाथ बेचेंगे, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा होगा।

जाम की समस्या होगी दूर
नया बाईपास दिल्ली रोड से कांठ रोड पर आने के लिए बागड़पुर के पास से होकर एक सिंगल रोड आता है। उस रोड की हालत बेहद खराब है। कांठ रोड पर आने के लिए दूसरा विकल्प लोकोशेड पुल से पीलीकोठी होकर आना है। हरथला सोनकपुर ओवरब्रिज बनने से लोगों को जाम की समस्या निजात मिलने की उम्मीद है, लेकिन अभी काम पूरा होने में समय लगेगा। नया बाईपास बनने से जाम की समस्या की खत्म हो जाएगी।

बाईपास की जमीन के लिए डिडोरी-डिडौरा गांव के किसानों से हमारी लगातार बात हो रही है। किसान बाइपास के साथ उसके आसपास की जमीन देने के लिए राजी हो जाएं तो पूरे इलाके का विकास होगा। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन किसान नहीं माने तो हम बाईपास को दूसरी तरफ से बनाने पर भी विचार किया जायेगा।
एसके गुप्ता, एमडीए सचिव

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